नमो भारत ट्रेन में अश्लीलता की सारी हदें पार करने वाले छात्र-छात्रा पर शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय मुरादनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लिया गया। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद जब छात्र-छात्रा की पहचान हुई तो दोनों को शिक्षण संस्थाओं की ओर से नोटिस दिया गया था। इसका कोई जवाब दोनों की ओर से नहीं दिया गया। उनके मोबाइल बंद हैं, इसलिए न तो संस्था और न ही पुलिस उनसे संपर्क साध पा रही है।
दिल्ली की ओर से मेरठ आ रही नमो भारत ट्रेन में छात्र-छात्रा की अश्लीलता का पिछले सप्ताह वीडियो वायरल हुआ था। दोनों छात्र-छात्रा मेरठ रोड स्थित अलग अलग शिक्षण संस्थाओं में पढ़ते हैं। इस घटना के बाद दोनों ही संस्थाओं की अनुशासन कमेटी सख्त हो गई है। छात्र-छात्राओं से वीडियो वायरल न करने की अपील की जा रही है। जबकि, सार्वजनिक स्थलों पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताया जा रहा है।
शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन ने बताया कि कॉलेज की वेशभूषा में छात्र-छात्रा ने यह हरकत की। इससे संस्थाओं की भी बदनामी हुई है। इसलिए दोनों को स्थायी रूप से बाहर करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, कार्यशाला आयोजित कराकर दूसरे छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। ताकि भविष्य में इस तरह के कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो।
अभिभावकों की चिंता बढ़ी
नमो भारत ट्रेन में हुई इस घटना की वीडियो, फोटो वायरल होने के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। दुहाई निवासी टीनू चौधरी कहते हैं कि शिक्षण संस्थाओं और अभिभावकों को मिलकर युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर काम करना होगा। जिस छात्र-छात्रा ने यह कृत्य किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि दूसरों के लिए नजीर बने। दाखिले के समय छात्रों से लिखित में लिया जाना चाहिए कि वह इस तरह के कृत्य में लिप्त मिलते हैं तो उनको बाहर किया जाए। संस्थाओं में इसकी निगरानी के लिए अलग से कमेटी बने।