देश की पहली रैपिडएक्स ट्रेन नमो भारत शहर के भीतर भी मार्च तक दस्तक देने को तैयार है। शताब्दीनगर स्टेशन का काम अंतिम चरण में है। फरवरी अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद मार्च में भूड़बराल (मेरठ साउथ) तक नमो भारत को दौड़ाने के साथ ही भूड़बराल से शाताब्दी नगर तक ट्रेन का ट्रायल शुरू करने की योजना है।
नमो भारत के मेरठ सेक्शन में मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम डिपो तक कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है। इसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है। बाकी हिस्सा अंडरग्राउंड है। 18 किमी के एलिवेटेड सेक्शन में से 11 किमी में वायडक्ट निर्माण पूर्ण हो चुका है। बाकी 7 किमी के हिस्से में वायडक्ट निर्माण तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां वायडक्ट निर्माण में तेजी के लिए एनसीआरटीसी ने 10 तारिणी (लॉन्चिंग गैंट्री) स्थापित की हैं। इसके अतिरिक्त 2 और तारिणी स्थापित होंगी।
काम में तेजी लाने के लिए एनसीआरटीसी वायडक्ट निर्माण के लिए प्री-कास्ट सेगमेंट्स का प्रयोग कर रही है, जिन्हें तारिणी की मदद से लॉन्च करके वायडक्ट निर्माण किया जा रहा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि मेरठवासियों की सुविधा के लिए यहां आरआरटीएस के 4 और मेरठ मेट्रो के लिए 13 स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है और ये सभी स्टेशन जल्द अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देंगे।
वायाडक्ट तैयार करने का काम शुरू
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के मेरठ सेक्शन में बाकी सात किलोमीटर वायाडक्ट बनाने के लिए मंगलवार को एनसीआरटीसी ने 10 लांचिंग गैंट्री तारिणी स्थापित कर दी हैं। इनके माध्यम से पिलर्स के बीच वायाडक्ट रखने का काम किया जाएगा। जल्द ही दो अन्य लांचिंग गैंट्री स्थापित की जाएंगी। इससे वायाडक्ट बनाने का काम और तेज हो जाएगा।
उम्मीद है कि वायाडक्ट का निर्माण पूरा हो जाने से इसी साल के अंत तक दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन चलनी शुरू हो सकती है। हालांकि एनसीआरटीसी ने पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए जून 2025 तक की अवधि तय कर रखी हैं।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि मेरठ सेक्शन में मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम डिपो तक के 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। इसमें 18 किलोमीटर एलिवेटेड और बाकी हिस्सा भूमिगत है। 18 किलोमीटर के एलिवेटेड सेक्शन में 11 किमी में वायाडक्ट का निर्माण पूरा किया जा चुका है, बाकी सात किमी के हिस्से में वायाडक्ट का निर्माण तेज कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए प्री-कास्ट सेगमेंट्स का प्रयोग किया जा रहा है। इन्हें लांचिंग गैंट्री मशीन की मदद से पिलर्स के बीच 34 मीटर की खाली जगह पर स्थापित किया जा रहा है। 34 मीटर से ज्यादा दूरी वाली जगहों पर वायाडक्ट के निर्माण के लिए स्पेशल स्टील स्पैन स्थापित किए गए हैं।