पीड़ित परिवार
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मुजफ्फरनगर के गांव कुटबा निवासी महबूब का परिवार हिंसा के बाद अपना घर छोड़कर शरणार्थी शिविर में आ गया था। सरकार ने पांच लाख की मदद दी थी, लेकिन वो किसी ने धोखे से हड़प ली। अब कांधला की जन्नत कॉलोनी में रह रहा है, लेकिन यहां न पानी है ना बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम। कभी काम मिल जाता है कभी भूखे रहना पड़ता है। गांव में सभी एक दूसरे के सुख दुख में शामिल होते थे, लेकिन यहां कोई पूछने वाला नहीं है।