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नजर मिलाना हुआ दूभर: आई फ्लू का प्रकोप, बुखार का भी वार, अस्पतालों में हर रोज लग रही मरीजों की लंबी कतार

Tue, 08 Aug 2023 12:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

बारिश, धूप और फिर बारिश के बिगड़ते मौसम के चलते आंखों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मेरठ में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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तेजी से बढ़े आई फ्लू के मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ शहर में आई फ्लू (कंजक्टिवाइटिस) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, साथ ही बुखार के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है। शहर के हर मोहल्ले के लोग इसकी चपेट में हैं। सोमवार को एलएलआरएम मेडिकल में इलाज के लिए पहुंचे 3037 मरोजों में से करीब 250 मरीज आई फ्लू के आए और इतने ही मरीज बुखार के थे।

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पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में भी पहुंचे 1612 मरीजों में चौथाई मरीज आंख की परेशानी आैर बुखार से पीड़ित थे। यही हाल निजी अस्पतालों का है। डॉक्टर  मरीजों को आई ड्रॉप और साफ सफाई रखने की सलाह दे रहे हैं। 

नेत्र रोग विशेषज्ञ और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि बारिश, धूप और फिर बारिश के बिगड़ते मौसम के चलते आंखों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कंजक्टिवाइटिस या आई फ्लू ज्यादातर बरसात के मौसम में फैलता है। यह वायरस, बैक्टीरिया और फंगस के संक्रमण से होता है। यह एक संक्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है।

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जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. पीके वार्ष्णेय ने बताया कि यह एलर्जिक रिएक्शन या बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होता है। शुरुआत एक आंख से होती है, पर जल्दी ही दूसरी आंख भी इसके चपेट में आ जाती है। इस रोग की अनदेखी या गलत इलाज की वजह से आंख की बाहरी परत कोर्निया को भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। यह एडिनो वायरस के कारण होती है।

लक्षण
-आंखों का सफेद हिस्सा पूरी तरह से गुलाबी और लाल हो जाता है। 
-आंखों में खुजली और दर्द होता है। लगातार पानी निकलता है। आंखें सूज जाती हैं। 
-आंखों की रोशनी पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। 
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बरतें सावधानी...
-एंटीबायोटिक ड्रॉप आंखों में डालने से यह बीमारी खत्म हो जाती है, पर चिकित्सक के परामर्श से डालें। 
-आंखों की ठंडी सिकाई करें और अपने हाथों को साफ रखें। 
-किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। 
- ऑफिस में कंप्यूटर का इस्तेमाल करें तो की-बोर्ड और माउस को संक्रमण रहित करके ही काम करें। 
-आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं, अगर संक्रमित आंख  को छुएं तो हाथ अच्छी तरह साफ करें। 
-गंदगी और भीड़ वाली जगहों से बचें।

इस संक्रमण से आंखों में जलन और चुभन होती है। आंखों से पानी आने लगता है और आंखें लाल हो जाती हैं। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है और सूजन आ जाती है। आंखों में दर्द और खुजली भी होती है। कई बार बुखार भी आ जाता है।  -डॉ. लोकेश कुमार, मेडिकल के नेत्र रोग विशेषज्ञ

आई फ्लू ग्रसित हों तो कांटेक्ट लेंस लगाने से बचें और आईमेकअप से भी दूरी बनाएं। यह व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है, लिहाजा सावधान रहने की जरूरत है। -डॉ. अमित गर्ग, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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