फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवाल कांड 2013: सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली थी राहत, आरोपियों को आखिरकार जाना पड़ा जेल

Wed, 05 Jun 2019 02:40 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर कवाल कांड के शाहनवाज हत्याकांड के आरोपियों को आखिरकार जेल जाना पड़ा। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिल सकी। शाहनवाज हत्याकांड में एसआईसी (विशेष जांच सेल) ने पांच साल पहले एफआर लगा दी थी। सचिन-गौरव के परिजनों को इस बात का जरा भी आभास नहीं होगा कि उन्हें भी जेल जाना पड़ेगा।

विज्ञापन


जनपद के जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड हुआ था। बाइक की साइकिल से साइड लगने के विवाद को लेकर उस दिन मलिक पुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की कवाल के सलीम के बेटे शाहनवाज से कहासुनी के बाद मारपीट हुई, पेट में सुएं के प्रहार से शाहनवाज की मौत हो गई। शाहनवाज की हत्या से आक्रोशित उसके परिजनों ने सचिन और गौरव की हत्या कर दी थी। 27 अगस्त को ही दोनों पक्षों की ओर से जानसठ कोतवाली पर हत्या के नामजद मुकदमे दर्ज किए गए। बाद में कवाल कांड को लेकर ही जिले में दंगा भड़का था, जिसमें 67 निर्दोष लोगों की जान गई और पचास हजार से अधिक लोग बेघर हुए। तत्कालीन सपा सरकार ने कवाल कांड समेत दंगे के सभी मुकदमों की जांच एसआईसी को सौंपी थी। 

वहीं एसआईसी के इंस्पेक्टर संपूर्णानंद तिवारी ने 17 नवंबर 2014 को शाहनवाज हत्याकांड में यह तर्क देकर एफआर लगा दी थी कि घटना के समय सचिन और गौरव ही मौजूद थे, उन्होंने ने ही शाहनवाज की हत्या की थी और उसी दौरान मृतक शाहनवाज पक्ष के लोगों ने सचिन और गौरव की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन


एसआईसी की ओर से लगाई गई एफआर के खिलाफ शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से 4 फरवरी 2015 एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में आपत्ति दाखिल की थी। कोर्ट ने इस आपत्ति को परिवाद के रूप में स्वीकार करते हुए 30 मई 2018 को शाहनवाज हत्याकांड के सभी छह आरोपियों रविंद्र उर्फ पटवारी, प्रहलाद सिंह, बिशन, तेंदर उर्फ तेंदू, देवेंद्र और जितेंद्र को धारा 302 में तलब किया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।

विज्ञापन

इन्होंने कहा... 
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के तहत पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। अब जिला जज अदालत में उनकी जमानत की अर्जी दायर की जाएगी।

सचिन के परिजन गए जेल
कवाल कांड में मारे गए सचिन के पिता बिशन, ताऊ प्रहलाद, तेंदर उर्फ तेंदू, तयेरे भाई देवेंद्र व जितेंद्र आखिरकार शाहनवाज हत्याकांड में जेल गए। जबकि रविंद्र उर्फ पटवारी का बेटा गौरव था।

सात को हो चुकी है उम्रकैद की सजा
दंगे की वजह बने बहुचर्चित कवाल कांड में मलिकपुरा के ममेरे भाईयों सचिन और गौरव की हत्या के केस में सभी सात आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। 8 फरवरी को एडीजे कोर्ट संख्या-7 ने सभी सातों आरोपियों मुजस्सिम और उसके भाई मुजम्मिल पुत्र नसीम अहमद, फुरकान पुत्र फजला, जहांगीर और उसके भाई नदीम पुत्र सलीम, अफजाल और उसके भाई इकबाल पुत्र बुंदू निवासीगण कवाल को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। वर्तमान में सभी जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। हालांकि उनके परिजनों की ओर से उम्रकैद के खिलाफ हाई कोर्ट इलाहाबाद में अपील भी दायर की हुई है, मगर अभी तक उनकी अपील पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें