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कवाल कांड के आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाने वाले जज की बढ़ाई गई सुरक्षा

Sat, 09 Feb 2019 02:33 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर कवाल कांड के सचिन-गौरव हत्याकांड में शुक्रवार को एडीजे-सप्तम कोर्ट के न्यायाधीश हिमांशु भटनागर द्वारा सात मुजरिमों को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इस मामले में सजा सुनाए जाने से एक दिन पहले ही शासन ने जिला पुलिस-प्रशासन को एहतियातन जज की सुरक्षा बढ़ाए जाने के आदेश दिए थे। इसके चलते बृहस्पतिवार सुबह से ही न्यायाधीश हिमांशु भटनागर के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इसके साथ ही जज को सुरक्षा गार्ड भी उपलब्ध कराया था, जो दोहरे हत्याकांड की सजा सुनाए जाने के दौरान भी उनके साथ रहा। सूत्रों के अनुसार, न्यायाधीश के साथ ही उनके आवास पर भी फिलहाल सुरक्षा घेरा मजबूत ही रखा जाएगा। 

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जज ने 78 पेज का निर्णय सुनाया
कवाल के दोहरे हत्याकांड में न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने सभी सातों मुजरिमों को उम्र कैद और अर्थदंड का जो फैसला सुनाया है वो 78 पेज का है। सजा सुनाते हुए अपने जजमेंट में न्यायाधीश ने लिखा कि पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों एवं साक्षीगणों के बयान के आधार पर अभियोजन द्वारा केस साबित करने पर न्यायालय ने अभियुक्तों को हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषी मान कर सजा का निर्धारण किया है।

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मुकदमे की धाराओं पर अलग-अलग सजा 
अदालत ने कवाल के दोहरे हत्याकांड के सभी सातों गुनहगारों को आईपीसी की धारा 147(बलवा करना) में दो साल का कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माना, 148 (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा करना) में तीन साल का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना, 506 (जान से मारने की धमकी) में पांच साल का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और 302 (हत्या) सपठित धारा 149 (विधि विरुद्ध जमाव) में आजीवन कारावास और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

पांच गुनहगार साढ़े पांच से है जेल में बंद
कवाल के दोहरे हत्याकांड में जिन सात लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है, उनमें पांच मुजम्मिल, मुजस्सिम, जहांगीर, नदीम और फुरकान बीते साढ़े पांच साल से जेल में बंद है। इनमें से मुजम्मिल बुलंदशहर की जेल में और बाकी चारों जिला कारागार में बंद है। बाकी दो अफजाल और इकबाल को करीब डेढ साल पहले हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। सजा सुनाए जाने के बाद भी इन दोनों को भी जिला कारागार भेजा गया है।

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