पुराने सीमेंट को क्रश कर बनाते थे नकली सीमेंट
नकली सीमेंट फैक्टरी चला रहे राजेश सिंघल समेत अन्य आरोपी इसके लिए पुराने खराब हो चुके सीमेंट को गोदाम में लेकर आते थे। इसे वहां लगी क्रशर मशीन में डालकर क्रश किया जाता था। इसके बाद छलना मशीन के जरिए उसमें से मोटे कण निकालकर केमिकल मिलाकर नए कट्टों में भरकर सप्लाई कर दिया जाता था।
इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि इस तरह के एक कट्टे की लागत आरोपियों को बमुश्किल सौ से डेढ़ सौ रुपये के बीच पड़ती थी, जिसे दोबारा तैयार कर 350 रुपये से अधिक में बेचा जाता था।
पांच माह पूर्व छपार में पकड़ी गई थी नकली सीमेंट फैक्टरी
मोहल्ला अग्रसेन विहार निवासी राजेश सिंघल नकली सीमेंट फैक्टरी का मास्टरमाइंड है। इससे पहले भी छपार पुलिस ने रामपुर तिराहा पर नकली सीमेंट फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। उक्त फैक्टरी भी यही राजेश सिंघल चला रहा था, जिसे पुलिस ने बेटे समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जमानत पर छूटने के बाद अब फिर से आरोपी नकली सीमेंट के धंधे में लिप्त हो गया था। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि फैक्टरी संचालक राजेश सिंघल व मुजम्मिल समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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