उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने गुरुवार को सभासदों की मौजूदगी में अपना पद छोड़ने का एलान कर दिया। इस दौरान उन्होंने शासन पर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने के भी आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने आज नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर सभासदों के बीच शासन की कार्रवाई से आहत होकर चेयरपर्सन का पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि मैने अपने कार्यकाल में कर्जदार नगरपालिका को यूपी की सबसे मालदार नगर पालिका बनाने का काम किया। इसमें मैं सभी सभासदों, नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग किया उनका मैं आभार व्यक्त करती हूं।
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उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ लगातार शिकायते दर्ज कराई गईं। 135 विकास कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, उन विकासकार्यों को रोक दिया गया।
मेरे खिलाफ रचा गया षडयंत्र: अंजू अग्रवाल
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा उनके खिलाफ रचा गया षड्यंत्र। शहर के विकास कार्यो को रोका गया। एक महिला के अधिकारों को छीना गया। आहत होकर पद छोडऩे को मजबूर हुई। मेरी अंतरात्मा ने कहा है, ईश्वर का आदेश है कि मुझे त्यागपत्र दे देना चाहिए। सभासदों को अपनी मंशा बता दी है।
बता दें कि लगातार शिकायतों और जांच से परेशान होकर अंजू अग्रवाल कांग्रेस से भाजपा में गईं, वहां भी राजनीति की शिकार हो गईं। बताया गया कि संजीव बालियान और कपिलदेव गुटों के बीच राजनीति काफी समय से जगजाहिर है। हालांकि अंजू अग्रवाल का इस्तीफा मंजूर होगा या नहीं लेकिन इस पर राजनीति हलचल जरूर बढ़ गई है।