सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करती मुस्लिम महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता कानून के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीछे नहीं हटने के बयान की ईदगाह मैदान में धरनारत महिलाओं ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सरकार से जनहित में फैसले पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की है।
सहारनपुर के देवबंद में मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के तत्वावधान में सोमवार को धरना प्रदर्शन के 22वें दिन शाजिया गालिब, कहकशा कासमियां और हीना ने कहा कि सरकार के फैसले देशवासियों के हित में होने चाहिए। प्रधानमंत्री का बयान हम दबाव होने के बावजूद भी सीएए पर अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे, सरकार की हठधर्मिता को दर्शाता है। अरशी और दरखशा ने कहा कि देश में सैकड़ों जगह लोग सरकार के गलत फैसले के खिलाफ सड़कों पर हैं और सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार तक करने को तैयार नहीं है।
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उन्होंने कहा कि सरकार का यह रुख हमारी कोशिशें और उभारेगा। सीएए की समाप्ति तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। हसीन नाज ने कहा कि हमें देश के कानून पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार द्वारा बनाए गए काले कानून को लागू नहीं होने देगी। नाहिद जेबा, आयशा चौधरी, रूबीना फातिमा व शादमीना ने तराने व गीतों के माध्यम से अपने मन की बात कही।
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