तीन तलाक के मामले में केंद्र सरकार के तीन मंत्रालयों और इस्लामिक तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली आतिया साबरी ने प्रधानमंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। आतिया का कहना है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया और पार्टी को चार राज्यों में बड़ी जीत मिली है। अब उन्हें अपना वादा पूरा करना चाहिए।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं के समर्थन का दावा किया था। यही कारण है वोट देने के बाद उन्हीं महिलाओं ने भाजपा को उनका वादा याद दिलाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब भाजपा के सामने इस वादे को निभाने की चुनौती हो सकती है। दरअसल, दो बेटियों को जन्म देने के कारण तलाक का दंश झेल रही आतिया साबरी अपनी लड़ाई को न्यायालय में लड़ रही है। उनका दावा है कि चुनाव में भाजपा के किए वादे पर एतबार कर उन्होंने वोट दिया। अब केंद्र सरकार अपने वादे को पूरा कर तीन तलाक पर कानून बनाए। वह इस मामले में जारी होने वाले फतवों पर भी रोक की मांग करती हैं। आतिया का कहना है कि तीन तलाक के नजरिए को देखते हुए मैंने भाजपा को वोट दिया है।