राहगीरों ने सड़क किनारे पड़ी मोपेड व बिखरी सब्जी देखी तो रुक गए। सरसों के खेत में मोनू का गोली लगा शव पड़ा था। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और माेनू के परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी देहात कमलेश बहादुर, सीओ किठौर शिव प्रताप सिंह, अंडर ट्रेनिंग सीओ नितिन तनेजा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को करीब दो घंटे बाद समझा-बुझाकर शांत किया। और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जेब में 15 हजार रुपये, लूट नहीं हत्या था मकसद
मोनू की जेब से पुलिस को 15 हजार रुपये मिले। ऐसे में माना जा रहा है कि आरोपी लूट करने नहीं आए थे, मारने ही आए थे। किसी और वजह से उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने किसी से रंजिश की बात से भी इन्कार किया है। एसपी देहात कमलेश बहादुर का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कई बिंदुओं पर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
पांच वर्ष की सृष्टि, चार माह के कन्हैया के सिर से उठा पिता का साया
मोनू के परिवार में पत्नी रजनी के अलावा पांच वर्ष की पुत्री सृष्टि, चार माह का पुत्र कन्हैया, मां शांति व छोटा भाई सोनू है। एक बहन नीतू शादीशुदा है। मोनू की हत्या के बाद परिजनों का रोते हुए बुरा हाल हो गया। जबकि मासूम सृष्टि व चार माह के कन्हैया के सिर से पिता का साया उठ गया।