वारदात करके लहुलूहान हालत में मरा समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए। अस्पताल की दहलीज पर तो प्रियंका जरुर पहुंची लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। जिस तरह से प्रियंका की हत्या की गई, इससे स्पष्ट है कि प्रियंका के प्रति काफी नफरत आरोपियों के अन्दर थी। देर रात कंकरखेड़ा थाने पहुंचे भाई करण ने ससुर, पति समेत जेठ और अन्य के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
करण का आरोप है कि जीजा प्रियंका को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर हत्या की गई है। पुलिस घटना में दूसरा बिंदु भी मानकर चल रही है कि किसी और ने तो घटना को अंजाम नहीं दिया है। प्रियंका चार बच्चों की मां थी।
एक विवाद की वजह यह भी सामने आई है कि प्रियंका का पति पहले चालक था। आजकल उस पर कोई काम नहीं था। जिसके चलते प्रियंका का उससे विवाद रहता था। आए दिन घर में कलेश रहने के चलते ससुराल पक्ष के लोग उसको दुश्मनों की नजर से देखने लगे। इस हत्या में और किसी का हाथ तो नहीं, इस बिंदु पर भी हालांकि कंकरखेड़ा पुलिस जांच कर रही है।
ट्रेन से उतरकर भाई को फोन किया
ट्रेन से उतरने के बाद भाई करण को कॉल किया, भाई ने कहा कि मैं आ रहा हूं। जैसे ही करण पहुंचा तो इससे पहले ही हत्या कर दी गई। पुलिस ने भाई को कॉल किया और बताया कि बहन के साथ घटना हो गई है। जिसके बाद भाई कंकरखेड़ा के एक निजी अस्पताल में पहुंचा और घटना की जानकारी की। परिजन घटना के बाद सदमे में है।