पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में पुलिस अब तक एक भी सवाल का जवाब नहीं ढूंढ पाई है। हत्या की वजह तलाशने में जुटी पुलिस के पास कहानियां कईं है, लेकिन तथ्य कोई नहीं है। जेल में बंदियों के बयान जरूर लिए गए, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को नहीं मिली है।
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की नौ जुलाई को हत्या की गई थी। पहला सवाल था कि आखिर बागपत जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। कार्रवाई के नाम पर शासन ने जेलर यूपी सिंह समेत चार जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया था। लेकिन अब तक यह गुत्थी नहीं सुलझ सकी है कि पिस्टल जेल में कैसे पहुंचा। पुलिस के पास कई थ्योरी है। लेकिन कोई सुबूत अभी तक पुलिस नहीं जुटा पाई है।
पुलिस की दूसरी नाकामी यह है कि अभी तक यह भी पता नहीं लगा सकी है कि बजरंगी की हत्या की वजह क्या है। कभी सुपारी की जांच होती है, कभी रंजिश की और कभी वर्चस्व की। कभी सुनील राठी के भाई अरविंद राठी से पूछताछ की जाती है तो कभी विक्की सुन्हैडा के बयान लिए जा रहे हैं। वारदात में कितने लोग शामिल रहे, यह कुख्यातों की आपसी लड़ाई है या इसमें राजनीतिक षडयंत्र भी है।