नगर निगम ने भेजे हाउस टैक्स के नोटिस, विरोध में व्यापारी
मेरठ। नगर निगम ने जीआईएस सर्वे के आधार पर शहर में लोगों को हाउस टैक्स के लिए स्वकर फार्म भरने के नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। तीस दिन में स्वकर फार्म न भरने पर नगर निगम खुद टैक्स तय कर देगा। इस प्रक्रिया का संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने विरोध किया है।
नगर निगम ने अब तक शहर के 30 वार्डों में ढाई लाख से अधिक घरों का सर्वे किया है। इसी आधार पर निगम के टैक्स विभाग ने भवन स्वामियों को धारा 213 के नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। इनमें बहुत से भवन ऐसे हैं जो पहली बार टैक्स के दायरे में आए हैं। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कामर्शियल भवन भी हैं जो अभी आवासीय में ही टैक्स दे रहे हैं। निगम एक्ट के मुताबिक कामर्शियल भवनों पर आवासीय का तीन से पांच गुना अधिक टैक्स लगाया जाता है। यानी नर्सिंग होम, बैंक्वेट हॉल, फैक्ट्री, कारखाने आदि पर तीन गुना, दुकानें, मॉल, कांप्लेक्स पर पांच गुना टैक्स लगता है। उधर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि चुनाव करीब हैं। निगम को इस समय टैक्स नोटिस नहीं भेजने चाहिए। निगम अधिकारी व्यापारियों को टारगेट करके काम कर रहे हैं। सबसे पहले उन इलाकों में भवनों पर टैक्स लगाया जाए जहां पर अभी तक टैक्स नहीं लगाया जा सका है। इस संबंध में नगरायुक्त से बात करेंगे।
किसी पर गलत टैक्स नहीं लगेगा
शासन के निर्देश पर ही जीआईएस सर्वे चल रहा है। भवन स्वामी को पक्ष रखने का अधिकार होगा। किसी पर भी गलत टैक्स नहीं लगाया जाएगा। इसलिए सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। .... मनीष बंसल, नगरायुक्त