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हत्या : थानों के बोर्डों पर नाम चस्पा होने के बाद की थी चोरी से तौबा

Sun, 01 Aug 2021 11:43 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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घटनास्थल पर मिली कार में मिला मुकीत का शव - फोटो : SARDANA
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थानों में चस्पा अटैची चोरों की सूची में था मुकीत का नाम
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कोतवाली देहात/बिजनौर। हिस्ट्रीशीटर मुकीत अहमद की गांव की रंजिश और गैंगवार में हत्या होने की आशंका जताई जा रही है। करीब 16 साल पहले बिजनौर जिले में अंतर्राज्यीय अटैची चोरों के खिलाफ चले अभियान के दौरान उसकी भी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। अटैची चोर हिस्ट्रीशीटरों के नाम सभी थानों के बोर्ड पर चस्पा किए गए। इसके बाद अटैची चोरों ने बोर्ड से नाम हटवाने को खूब भागदौड़ की थी, कई अटैची चोरों ने पुलिस के डर से इस काम से तौबा कर ली थी। मुकीत की हत्या से परिजनों में कोहराम मचा हैं।

थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम ऊमरी कलां निवासी हिस्ट्रीशीटर मुकीत दिल्ली के जाफराबाद क्षेत्र में पत्नी मुमताज, बेटी साजिया (16) और फातिया (11) के साथ रहकर किराए पर कार चलाता था। वर्तमान में सीट कवर और जैकेट बनाने का काम भी कर रहा था। दिल्ली में लॉकडाउन से पहले फर्नीचर बनाने का काम कर रहा था।
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पुलिस के अनुसार करीब 15-16 साल पहले बिजनौर के अटैची चोर देशभर में बदनाम थे, आए दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस उनकी तलाश में आती रहती थी। इसके बाद पुलिस ने जिले के सक्रिय अटैची चोरों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चलाया। अटैची चोरों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। इसी अभियान के तहत देहात पुलिस ने 25 नवंबर 2005 को मुकीत के अलावा उसके साथी आफताब ,महताब, मारूफ, जावेद व नईम की कोतवाली हिस्ट्रीशीट खोली थी। अटैची चोर हिस्ट्रीशीटरों के नाम सभी थानों के बोर्ड पर चस्पा किए गए। मुकीत पर कर्नाटक राज्य के गोल गुंबज जिला बीजापुर में वर्ष 2006 में अटैची चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।

पुलिस ने हटवा दिए थे एसपी के फोटो के साथ लगे फ्लैक्स और बोर्ड
बिजनौर। मुकीत को भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चा में जिला मंत्री बना दिया था, बाद में वह मोदी आर्मी का प्रदेश मंत्री भी बन गया था। आपराधिक रिकार्ड की जानकारी होने पर उन्हें हटा दिया गया था। वर्ष 2016 में उसने अपने नाम से शहर में बोर्ड और फ्लैक्स लगवा दिए थे। तत्कालीन एसपी व थाना प्रभारी के साथ उसके फ्लैक्स चर्चा का विषय बने थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने हटवा दिया था।भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष इरशाद अहमद ने बताया कि मुकीत अहमद पूर्व में अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री रह चुका है। उस पर गांव में दुश्मनी के चलते मुकदमें दर्ज करवाये थे।
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मोबाइल कॉल आने के बाद कार लेकर निकला था

घटना के खुलासे के लिए दो टीम बनाई, रंजिश में हत्या होने की आशंका
मुकीत की पत्नी मुमताज ने थाना पुलिस को बताया है कि शनिवार की शाम को मुकीत के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। इसके बाद वह कार लेकर घर से गया था। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई खुर्शीद ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ जानी थानें में दर्ज करवाई है। सुबह जानी कला में गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर सड़क किनारे खड़ी कार में शव देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कार की बायीं तरफ की खिड़की खुली हुई थी और कार के नजदीक तमंचा पड़ा हुआ था। शव की शिनाख्त जिला बिजनौर गांव उमरी कला निवासी मुकीत अहमद (40) पुत्र इदरीश के रूप में हुई। एसपी देहात केशव ने बताया कि खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें लर्गाई हैं। बिजनौर से भी जानकारी की जा रही है। उसकी अपने गांव में भी कई लोगों से भी दुश्मनी थी। ऐसे में यही लग रहा है कि रंजिश में हत्या की गई है। जानी थाना प्रभारी के अनुसार मृतक मुकीत पर बिजनौर के अलग अलग थानों में 20 से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।

सरधना के जानीखुर्द में गोली मारकर हत्या का मामला, मुकीत का फाइल फोटो। - फोटो : SARDANA

 

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