पोल के खुलने के डर से युवक उक्त किशोरी को अपने रिश्तेदार के यहां टीपीनगर ले गया। इसकी जानकारी लगने पर किशोरी के परिजन आरोपी युवक के यहां पहुंचे। थाने में शिकायत न देने की शर्त पर आरोपी के परिजनों ने भी शादी कराने का आश्वासन किशोरी के परिजनों को दिया।
इस बीच शादी तो नहीं हुई, लेकिन उक्त किशोरी गर्भवती हो गई। हालत गंभीर होने की सूचना पर उसके परिजन बेटी को अपने घर ले आए। आरोप है कि युवक और उसके परिजन लड़की व उसकी कोख में पलने वाले बच्चे को मारने की धमकी दे रहे हैं।
शनिवार को किशोरी अपनी मां के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची। सारी दास्तां पुलिस को सुनाकर इंसाफ मांगा। एसपी क्राइम रामअर्ज ने पीड़िता को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। पल्लवपुरम थाने में दोनों पक्ष के लोगों को बुलाकर बात करने और फिर कार्रवाई करने की बात कही।
बच्चे को किसका नाम दूं
पुलिस ने कहा कि आरोपी युवक और उसके परिजनों पर कार्रवाई कर देंगे। उनको जेल भेज देंगे। जिस पर पीड़िता बोली कि वह जेल चले जाएंगे, लेकिन मुझे समाज में कौन इज्जत देगा। मेरे पेट में पलने वाले बच्चे को किसका नाम दूं। मुझे और मेरे बच्चे को इंसाफ चाहिए। मेरी शादी उस युवक से करा दो।