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रूपक हत्याकांड: परिजनों ने ने पुलिस पर किया पथराव, लाठीचार्ज, हमले में चौकी इंचार्ज घायल

Sun, 26 Jul 2020 01:11 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • - हमले में चौकी इंचार्ज घायल, हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज
  • - आरोपी पक्ष की भैंस लेने आए रिश्तेदार के साथ भी की मारपीट 
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विस्तार
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मेरठ में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के फाजलपुर गांव में शनिवार को बखेड़ा हो गया। रूपक हत्याकांड के आरोपी के पशु लेने आए उनके रिश्तेदार का पीड़ित परिवार ने विरोध किया और मारपीट की। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया। उसके बाद पीड़ित परिवार को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। 
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रूपक की हत्या के आरोप में पुलिस उसके पड़ोसी विकास उर्फ चौंसठ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। परिवार के लोग भी मकान पर ताला लगाकर चले गए हैं। ऐसे में उनके पशुओं को लेने के लिए शनिवार को रिश्तेदार हमराज निवासी पोहली सरधना फाजलपुर आए थे। इस दौरान रूपक के परिजनों ने इसका विरोध किया।

पुलिस का आरोप है कि हमराज को रूपक के परिजनों ने पीटा। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया, जिसमें योगीपुरम चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार घायल हो गए। इसके बाद कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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पुलिस ने रूपक के परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और हमराज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस शुरुआत से ही उनका उत्पीड़न कर रही है। उनके बेटे का शव बरामद करने में भी पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। अब आरोपी पक्ष की पुलिस पैरवी कर रही है।  

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जबरन लोगों को जीप में उठाने पर बखेड़ा 
गांव में पहुंची पुलिस पीड़ित परिवार के लोगों को जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी। जिस पर ग्रामीण पुलिस का वीडियो बनाने लगे। इसका विरोध करते ही लोगों ने पथराव कर दिया। हालात यह बन गए कि पुलिस को अपनी जान बचाकर भागना पड़ गया। सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस आरोपी पक्ष के लोगों की मदद क्यों कर रही है। 

पीड़ित परिवार ने बांध रखी थी भैंसें
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र सिंह राणा का कहना कि आरोपियों की फाजलपुर में दूध की डेयरी थी। रूपक की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी की डेयरी से पांच भैंसें खोलकर अपने यहां बांध ली थी। आरोपियों को जेल भेजने के बाद अब उनके पशु वापस उनके रिश्तेदारों को देने थे। शनिवार को आरोपी विकास के रिश्तेदार हमराज फाजलपुर में गए तो पीड़ित परिवार ने बखेड़ा कर दिया।
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ये था मामला
फाजलपुर निवासी रूपक की 20 जून को अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। रोहटा के जंगल में रूपक के शव के टुकड़े कर बोरवेल में डाल दिए थे। अभी तक पुलिस शव बरामद नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार में इसे लेकर जबरदस्त आक्रोश है।

भाजपा विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर गए थे। एनडीआरएफ की टीम बुलाने का वादा किया है लेकिन अभी तक शव बरामद करने के लिए कोई नहीं आया। रूपक की हत्या के मामले में कंकरखेड़ा पुलिस आधा अधूरा खुलासा कर पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है। 
 
आरोपी पक्ष के एक रिश्तेदार के साथ मारपीट की गई और पुलिस टीम पर पथराव किया गया। मामले में कंकरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। रूपक के परिवार से पुलिस को हमदर्दी है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। रूपक का शव बरामद करने के लिए एनडीआरएफ टीम बुलाने के लिए दो बार पत्र लिखे हैं। - पंकज सिंह, सीओ, दौराला
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