पुलिस ने रूपक के परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और हमराज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस शुरुआत से ही उनका उत्पीड़न कर रही है। उनके बेटे का शव बरामद करने में भी पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। अब आरोपी पक्ष की पुलिस पैरवी कर रही है।
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जबरन लोगों को जीप में उठाने पर बखेड़ा
गांव में पहुंची पुलिस पीड़ित परिवार के लोगों को जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी। जिस पर ग्रामीण पुलिस का वीडियो बनाने लगे। इसका विरोध करते ही लोगों ने पथराव कर दिया। हालात यह बन गए कि पुलिस को अपनी जान बचाकर भागना पड़ गया। सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस आरोपी पक्ष के लोगों की मदद क्यों कर रही है।
पीड़ित परिवार ने बांध रखी थी भैंसें
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र सिंह राणा का कहना कि आरोपियों की फाजलपुर में दूध की डेयरी थी। रूपक की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी की डेयरी से पांच भैंसें खोलकर अपने यहां बांध ली थी। आरोपियों को जेल भेजने के बाद अब उनके पशु वापस उनके रिश्तेदारों को देने थे। शनिवार को आरोपी विकास के रिश्तेदार हमराज फाजलपुर में गए तो पीड़ित परिवार ने बखेड़ा कर दिया।