प्रिंस ने आदिल को कई बार युवती से दूर जाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद प्रिंस ने आदिल की हत्या करने की योजना बनाई। प्रिंस ने वारदात के दिन सागर और उसके साथियों के साथ हासिमपुर रास्ते पर बाइक में पेट्रोल खत्म होने के बहाने आदिल को बुलाया, लेकिन यहां आदिल अपने पड़ोसी को साथ ले आया। इस कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके।
इसके बाद वे वापस आए और आदिल की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक्स पी। इसके बाद आदिल को कुछ बात करने के बहाने रामराज स्थित आम के बाग में ले गए। इसी दौरान प्रिंस ने आदिल के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सबने मोबाइल बंद कर लिए। थानाध्यक्ष शिवदत्त का कहना है कि मुख्य आरोपी प्रिंस और उसका एक साथी फरार है।
बचने के लिए बदला था सिम, उसी ने पकड़वाया
हत्या आरोपियों ने बचने के पूरी तैयारी की थी। बाइक की नंबर प्लेट बदली और मुंह पर गमछा लपेटा, ताकि सीसीटीवी से पहचान न हो सके। वे अपने मकसद में कामयाब भी हो गए थे। सीसीटीवी में फुटेज में उनकी शनाख्त नहीं हो पा रही थी, लेकिन आरोपी सागर की एक गलती से पकड़े गए।
दरअसल सागर ने हत्या से पहले बुलंदशहर की आईडी पर नया सिम लिया था। नए सिम को लेने में भी एक दूसरे नंबर की जरूरत होती है। सागर ने पुराना नंबर रजिस्टर्ड करा दिया। सागर ने नए सिम का प्रयोग कर आदिल से कई बार बात की थी। जब पुलिस ने जांच की तो हत्या से पहले सागर द्वारा पुराने नंबर से प्रिंस और अन्य दोस्तों को कॉल करने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।