हापुड़ निवासी एक महिला की शादी 18 साल पहले मवाना निवासी युवक से हुई थी। दोनों के पांच बच्चे हैं। पति फेरी लगाकर कपडे़ बेचता है। पति पर बीमारी और मकान बनाने के चलते कर्ज हो गया था।
आरोप है कि पति कर्ज उतारने के लिए महिला पर गलत कार्य करने का दबाव बनाने लगा। उसे गलत काम के लिए एक बार नेपाल भी भेजा था, लेकिन वह बचकर निकल आई। यहां आकर उससे मारपीट की गई और जलाकर मारने का प्रयास किया। पति ने उसे एक साल पहले तलाक दे दिया। इसके बाद मायके पक्ष ने दोबारा पति के साथ रहने का दबाव बनाया।
महिला के मुताबिक पति के साथ दोबारा रहने के लिए उससे हलाला करने के लिए कहा गया। हलाला में किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शादी करके उसके साथ पत्नी की तरह रहना पड़ता है। फिर वह व्यक्ति अपनी मर्जी से तलाक देता है, तब ही पहले पति से शादी हो पाती है।
महिला ने हलाला प्रथा का विरोध किया और शादी से इंकार कर दिया। क्षुब्ध होकर उसने मेरठ में आकर हिंदू धर्म अपना लिया। महिला कस्बे में ही किराए के मकान में रहने लगी। उसका आरोप है कि मायके पक्ष के लोग गुरुवार को उसके पास आए और मारपीट की। किसी तरह महिला वहां से बच निकली। पुलिस ने महिला को मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
ऐसे नहीं किया जा सकता धर्म परिवर्तन
महिला का कहना है कि उसने नोटरी कराकर हिंदू धर्म अपनाया है। लेकिन रजिस्ट्रार शांति भूषण चौबे ने बताया कि नोटरी कराकर हिंदू धर्म अपनाने का कोई नियम नहीं है। धर्म परिवर्तन आर्य समाज द्वारा कराया जाता है। इसलिए महिला की बात संदिग्ध प्रतीत हो रही है। मामला गंभीर है। जांच कर रहे हैं। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विनय आजाद, थाना प्रभारी मवाना