उपाध्यक्ष अचानक ही वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं तो वहां भारी अव्यवस्थाएं मिलीं। रजिस्टर और कागज भी मैंटेन नहीं थे। इतना ही नहीं जांच में पता चला कि सेंटर मैनेजर पिछले 15 दिनों से सेंटर पर आई ही नहीं। ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड ने पूछताछ में पूरी हकीकत बताई और नौकरी जाने के डर से वह उपाध्यक्ष के सामने रोने लगी।
आरती त्यागी मनमाने तरीके से काम करती हैं और घर से ही पूरा सेंटर चलाती हैं, जबकि स्टाफ को आधे दिन की छुट्टी भी नहीं मिलती। आरती त्यागी के इस रवैय्ये पर नाराजगी जताते हुए उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद आरती त्यागी को सेंटर मैनेजर के पद से हटा दिया गया है।
पूर्व, वर्तमान डीपीओ पर भी होगा एक्शन आयोग उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि भले सेंटर मैनेजर आरती त्यागी पद से हट चुकी हैं, लेकिन वन स्टाप सेंटर में इतनी कमियां मिलना बहुत शर्म की बात है। इस पूरे मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी की भी जिम्मेदारी बनती है। वन स्टाप सेंटर का संचालन ठीक से नहीं हो रहा, इसमें डीपीओ भी जिम्मेदार है। इसलिए वर्तमान और पूर्व DPO दोनों पर ही एक्शन लिया जाएगा। दोनों ने अपने काम में लापरवाही की है।
ज्ञानवापी के मामले पर कही ये बात
ज्ञानवापी मामले को लेकर महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि शिवलिंग को वहीं लोग फव्वारा बता रहे हैं जिन्हें आस्था में यकीन नहीं है। ऐसे लोगों को भारत में रहने का अधिकार नहीं है। इनमें शिव के प्रति आस्था नहीं है। कहा कि भारत में जहां भी मस्जिदें हैं उनका निर्माण अधिकतर मंदिरों को तोड़कर ही किया गया है। इतिहास में भी इसका प्रमाण मिलता है।