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वायरल: सिपाही की करतूत, होमगार्ड को सौंपी तस्करों की लिस्ट और कहा...

Fri, 14 Dec 2018 04:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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यूपी पुलिस
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यूपी में मेरठ पुलिस की एक बार फिर से शर्मनाक करतूत सामने आई है। टीपीनगर थाने की फैंटम पर तैनात सिपाही ने होमगार्ड को अवैध वसूली की लिस्ट ही सौंप दी। होमगार्ड को 26 लोगों की लिस्ट थमाते हुए कहा कि यह क्षेत्र के सट्टा माफिया, शराब तस्करों की लिस्ट है, सभी से एक एक हजार रुपये आने हैं। पीड़ित होमगार्ड ने अवैध वसूली से इंकार किया तो कंट्रोल रूम के मुंशी से मिलकर होमगार्ड का दूसरे थाने में ट्रांसफर करा दिया।

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होमगार्ड अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि वह कंपनी- 8 का होमगार्ड है। पांच दिसंबर को उसकी ड्यूटी टीपीनगर क्षेत्र में बाइक यूपी 100 पर लगाई गई थी। आरोप है कि उस पर तैनात सिपाही और होमगार्ड ने उसे 12 घंटे की ड्यूटी करने को कहा। होमगार्ड अरुण ने पुलिस के उच्च अधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि ड्यूटी आठ घंटे की है, तो फिर 12 घंटे की क्यों की जाएगी। 

आरोप है कि सिपाही ने उसे एक सूची थमा दी, जिसमें सट्टा माफिया, शराब तस्कर व अन्य अवैध धंधा करने वालों के नाम, मोबाइल नंबर व पता लिखा था। उस पर दबाव बनाया कि यदि पीआरवी पर रहना है तो यह वसूली करनी होगी। नहीं तो किसी दूसरी जगह पर ट्रांसफर करा दिया जाएगा। होमगार्ड अरूण ने अवैध वसूली करने से इंकार किया तो सिपाही ने धमकी देते हुए कहा कि यह पुलिस विभाग है, समझ लेना। आरोप है कि दस दिसंबर को कंट्रोल रूम के मुंशी से मिलकर उसका स्थानांतरण सदर बाजार थाने में करा दिया। बिना किसी कारण के ट्रांसफर होने पर होमगार्ड ने पुलिस के एक उच्च अधिकारी से शिकायत कर पूरे मामले की जानकारी दी है। अवैध वसूली की सूची सोशल मीडिया पर वायल होने के बाद थाना पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है।
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वायरल लिस्ट की फोटो
वहीं इंस्पेक्टर टीपीनगर डालचंद का कहना है कि एक होमगार्ड होटलों में जाकर ड्रामा करता है, हो सकता है कि उसी ने पुलिस को बदनाम करने की साजिश की होगी। इस मामले की जांच कराई जाएगी।

वसूली की सूची से हड़कंप
अवैध वसूली को सूची को लेकर पूर्व में जहां एसटीएफ के सिपाही ने डेढ़ साल पहले सूची वायरल की थी। जिसके बाद लखनऊ तक गूंज हुई। छह माह पहले बुलंदशहर में डिबाई इंस्पेक्टर परशुराम की भी चेटिंग व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी, जिसके बाद इंस्पेक्टर पर गाज गिरी थी।

दोषियों पर होगी कार्रवाई
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए गये उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। - रणविजय सिंह, एसपी सिटी

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