दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की एसएसपी कार्यालय व सिविल लाइन थाने में पिटाई के मामले में डीआईजी सहारनपुर जांच कर रहे हैं। उनके कार्यालय से ही नोटिस भेजकर गवाहों को बुलाया गया है।
किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव से एसएसपी दफ्तर में पिटाई और एसओजी दफ्तर में पीटकर नचवाने के मामले में डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह के कार्यालय से दो गवाहों फैजल और पिंटू को नोटिस भेजा गया है। दोनों गवाहों को सहारनपुर डीआईजी के दफ्तर में सोमवार दोपहर 12 बजे बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। वहीं, दिग्विजय भाटी और मोहित शनिवार को लखनऊ पहुंच गए। रविवार आज सुबह लगभग साढ़े दस बजे यहां उनकी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात होनी है।
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तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, एसओ अखिलेश गौड़ और दिग्विजय भाटी।
- फोटो : अमर उजाला
गोकुलपुर निवासी फैजल का कहना है कि उन्हें भावनपुर थाना क्षेत्र की हसनपुर पुलिस चौकी प्रभारी संदीप ने बयान दर्ज कराने के नोटिस के संबंध में जानकारी दी है। जानकारी देते हुए उनसे नोटिस पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पढ़वाया कि नोटिस पर क्या लिखा है। केवल इतना बताया गया है कि बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। उन्होंने इस प्रकरण के संबंध में जानकारी दी थी कि वह ठेके पर निर्माण का कार्य करते हैं।
19 अगस्त को लगभग 11:45 पर वह मोहित की स्कॉर्पियो से पुलिस ऑफिस पहुंचे थे। उनके साथ दिग्विजय भाटी भी थे। दिग्विजय भाटी और मोहित एसएसपी ऑफिस में चले गए थे। उनका कहना है कि अंदर से पिटाई की आवाज आ रही थीं। इसके बाद दिग्विजय भाटी और मोहित को मुंह पर कपड़ा बांधकर बोलेरो से ले जाया गया। इसके बाद उन्होंने मोहित के बड़े भाई किनानगर निवासी पिंटू को कॉल कर जानकारी दी थी।
फैजल की कॉल आने पर रिश्तेदार के साथ तलाश में जुटे
पिंटू ने बताया कि उन्हें बृहस्पतिवार को चौकी प्रभारी संदीप ने नोटिस के संबंध में कॉल किया था। वह खुद उनके पास नोटिस के संबंध में जानकारी जुटाने पहुंच गए थे। नोटिस में 27 अगस्त 12 बजे बयान दर्ज कराने का समय लिखा था और यह समय निकल चुका था। बाद में बयान दर्ज कराने का समय बदलकर 31 अगस्त दोपहर 12 बजे किया गया है।
उनका कहना है कि फैजल ने उनसे कॉल कर कहा कि अंदर से चीखने की आवाज आ रही हैं। मुझे लगता है कि पुलिस ने उन्हें रिमांड पर ले लिया है। कॉल सुनकर वह अपने रिश्तेदार अमित गौतम के साथ पहले एसएसपी ऑफिस पहुंचे। यहां दिग्विजय भाटी और मोहित नहीं मिले तो वह थाना सिविल लाइन पहुंचे।
इसके बाद एक वकील को उन्होंने थाना लालकुर्ती भेजा। रात लगभग आठ बजे सरधना विधायक अतुल प्रधान सिविल लाइन थाने पहुंचे। वह वार्ता कर अपने किसी साथी को वहां छोड़कर चले गए। देर रात 12 बजे के बाद दिग्विजय भाटी और मोहित को छोड़ा गया था।
प्राथमिकी से पहले बयान पर उठाए सवाल
फैजल का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। एडीजी के आदेश पर सहारनपुर डीआईजी जांच कर रहे हैं। उनका कहना है आम आदमी पर बिना बयान के प्राथमिकी दर्ज कर ली जाती है और फिर बयान दर्ज किए जाते हैं। वहीं, प्रकरण मेरठ का है और बयान सहारनपुर में दर्ज कराने के बुलाया जा रहा है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उनके बयान मेरठ में ही दर्ज कराए जाने चाहिए थे। एडीजी भानु भास्कर का कहना है कि डीआईजी सहारनपुर मामले की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।