मेरठ के जानीखुर्द में जानी पुलिस ने मेरठ बागपत मार्ग पर स्थित आईटीएम कॉलेज पांचली से पुलिस उप निरीक्षक की फर्जी दस्तावेज तैयार कर परीक्षा देने वाले सॉल्वर गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के तीन सदस्य फरार है।
जानकारी के अनुसार आईटीएम कॉलेज पांचली में पुलिस उप निरीक्षक की परीक्षा चल रही है। रविवार शाम को चार बजे तृतीय पाली में होने वाली परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र व अन्य कागज चेक कर एंट्री दी जा रही थी। इस दौरान एक परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र की चेकिंग के दौरान परीक्षा अधिकारी शाहरुख अंसारी को शक हुआ। जिस पर शाहरुख अंसारी ने गेट पर तैनात जानी पुलिस को बुला लिया। जानी पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में युवक ने बताया की उसका नाम आशुतोष मणि त्रिपाठी पुत्र सुशील मणि त्रिपाठी जिला देवरिया है। वह अमित निवासी बिशनपुरा बैहटा, जिला पटना बिहार के गिरोह में सरकारी नौकरी लगाने को लेकर अभ्यार्थियों के फर्जी प्रपत्र तैयार कर परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देता है।
पुलिस को उसके पास से मानवेंद्र निवासी कोटकी जिला फिरोजाबाद का फर्जी प्रवेश पत्र मिला है। जिस की परीक्षा देने के लिए वह आया था। पुलिस ने आशुतोष मणि की पूछताछ के बाद पांचली से साहिल खान पुत्र हनीफ खान निवासी लालपुर थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर को भी गिरफ्तार किया है। जानी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार पेपर देने के लिए अमित ने मानवेंद्र से आठ लाख रूपए तय किए थे।
पेपर सोल्व करने के आशुतोष मणि त्रिपाठी को मानवेंद्र की जगह परीक्षा देखकर पेपर सोल्ड करने के 75 हजार रुपए तय हुए थे। गिरफ्तार साहिर आने जाने और फर्जी कागज तैयार करने में हेल्प करता था। पुलिस ने घटना में आशुतोष मणि त्रिपाठी, साहिल खान, मानवेंद्र सिंह, अमित निवासी टूंडला फिरोजाबाद और अमित निवासी पटना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फरार तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।