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मेरठ : जिला कारागार से दो माह की अंतरिम जमानत पर रिहा होंगे 250 विचाराधीन बंदी

Thu, 06 May 2021 12:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बनाई गई व्यवस्था
- शासन की अनुमति मिलते ही 70 सजायाफ्ता कैदियों को मिलेगी पैरोल
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जेल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार से एक बार फिर बंदियों को पैरोल पर छोड़ा जाएगा। करीब 250 विचाराधीन बंदी न्यायालय के आदेश पर दो महीने की अंतरिम जमानत पर छोड़े जाएंगे, जबकि 70 सजायाफ्ता कैदियों को दो महीने की पैरोल मिलेगी। हाई पावर कमेटी की ओर से जारी हुए निर्देशों पर जेल प्रशासन काम कर रहा है। अफसरों का कहना है कि जल्द यह प्रक्रिया शुरू होगी।
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जिला कारागार में वर्तमान में करीब 2600 बंदी हैं जो क्षमता से कहीं अधिक हैं। इनमें विचाराधीन बंदियों की संख्या 2100 और सजायाफ्ता कैदियों की संख्या 500 बताई जा रही है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जेल में बंदियों की संख्या को कम करने का निर्णय लिया गया है।

इसके लिए शासन की ओर से पिछले दिनों हाई पावर कमेटी गठित की गई थी। उसी कमेटी की ओर से कुछ बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिसके आधार पर प्रदेश के सभी जिलों से बंदियों/कैदियों को अंतरिम जमानत और पैरोल पर छोड़ा जाएगा।
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विचाराधीन बंदियों की अंतरिम जमानत को लेकर आज से न्यायालय में सुनवाई शुरू हो जाएगी। वही, शासन को सजायाफ्ता कैदियों के विवरण भेजा जा चुका है। हरी झंडी मिलते ही उन्हें भी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 

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विचाराधीन-सजायाफ्ता के अलग नियम
हाई पावर कमेटी की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता कैदियों के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित हैं। विचाराधीन बंदी न्यायालय के आदेश पर दो माह की अंतरिम जमानत पर छोड़े जाएंगे।

इसमें ऐसे बंदियों को चिन्हित किया गया है जिन्हें अधिकतम सजा सात साल की हो सकती हो, जबकि सजायाफ्ता कैदियों को शासन के आदेश पर दो महीने की पैरोल मिलेगी। इसमें ऐसे बंदी चिन्हित किए जा चुके हैं, जिन्हें सात साल तक की सजा हुई हो। इसके अलावा ऐसे बंदी भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक हो। भले ही सजा के लिहाज से उन्हें कितनी लंबी ही सजा क्यों ना हुई हो। 


हाई पावर कमेटी की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार विवरण तैयार कर लिया गया है। जनपद में 250 विचाराधीन और 70 सजायाफ्ता इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं। विचाराधीन बंदी की प्रक्रिया आज से शुरु होगी। जबकि सजायाफ्ता की प्रक्रिया शासन से अनुमति मिलने के बाद। - डॉ. बीडी पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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