फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: अवैध हथियारों की तस्करी में पंजाब के दो गन हाउस मालिक गिरफ्तार, कुख्यात बंजी से जुड़ा मामला

Fri, 07 Mar 2025 04:01 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पंजाब के दो गन हाउस मालिकों ने फर्जी लाइसेंस पर कुख्यात बंजी को हथियार बेचे। मामले में दोनों गन हाउस मालिकों को मेरठ एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन
गन हाउस। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मेरठ यूनिट ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले पंजाब के दो आरोपी गन हाउस मालिक गुरविंद्र जीत सिंह और शेजपाल सिंह को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


आरोपियों ने हथियार तस्कर गिरोह के सरगना अनिल बंजी को हथियार बेचे थे। आरोपियों से शस्त्र और कारतूस बेचने की गन हाउस की बिल बुक और एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस की फोटो कॉपी बरामद की गई है। दोनों को बुधवार शाम साढ़े छह बजे पुलिस लाइन स्थित एसटीएफ कार्यालय से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदो में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ ने 23 नवंबर 2024 को कंकरखेडा से अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर गिरोह के सदस्य रोहन निवासी ग्राम लोहड्डा थाना कोतवाली बड़ौत, बागपत को पांच एसबीबीएल गन 12 बोर व 12 डीबीबीएल गन 12 बोर तथा 700 कारतूस 315 बोर के साथ गिरफ्तार किया गया था।

रोहन से पूछताछ के आधार पर टीम ने 20 दिसंबर 2024 को गिरोह के मुख्य सरगना कुख्यात अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी निवासी ग्राम सिसौली जिला मुजफ्फरनगर को कंकरखेडा से गिरफ्तार किया था। अनिल बंजी के पास से रायफल, कारवाइन, पिस्टल, 15 कारतूस, एक अवैध पम्प एक्शन गन 12 बोर बरामद की थी।

पठानकोट से खरीदी थी बंजी से बरामद पिस्टल
एएसपी ने बताया कि बुधवार को बाबा दीप सिंह गन हाउस तरन तारन (पंजाब) के स्वामी ओलख फार्म हाउस पलासौर रोड तारन पंजाब निवासी गुरविंद्र जीत सिंह और ग्राम चक पंडोरी थाना लोपोके जिला अमृतसर पंजाब निवासी शेजपाल सिंह शस्त्र और कारतूस बिक्री की बिल बुक लेकर एसटीएफ कार्यालय आए थे। जांच के दौरान पाया गया अनिल बालियान उर्फ बंजी से बरामद पिस्टल को गुरविंद्र सिंह ने विशाल गन हाउस, पठानकोट से 19 नवंबर 2024 को खरीदी थी।

फर्जी लाइसेंस पर बेचे पिस्टल और कारतूस
एएसपी के अनुसार गुरविंद्र जीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि इस पिस्टल को शेजपाल सिंह ने फर्जी लाइसेंस पर बेची थी। इस पिस्टल के अलावा 315 बोर के 1020 कारतूस भी बेचे थे। पिस्टल के अलावा 21 नवंबर को को ही उसने 12 बोर पांच एसबीबीएल गन, पंद्रह डीबीबीएल गन भी उसके फर्जी लाइसेंस के आधार पर बेची थी। शेजपाल सिंह ने गुरविन्द्र जीत सिंह को अपने गन हाउस की शस्त्र और कारतूस बेचने संबंधित एक लाइसेंस की काॅपी भी उपलब्ध कराई थी।
विज्ञापन

50 हजार की पिस्टल और 100 रुपये का कारतूस बेचा
शेजपाल सिंह से पूछताछ की तो बताया कि उसके गौतम अहलावत निवासी पट्टी जिला तरनतारन के नाम फर्जी रसीद काटकर अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी और उसके साथियों को पिस्टल और कारतूस बेचे थे। प्रति पिस्टल 40 से 50 हजार रुपये और सौ रुपये प्रति कारतूस बेचा था। 

जेल में बंद है शेजपाल का तस्कर पिता
एएसपी ने बताया कि मरहटटा गन हाउस अमृतसर का लाइसेंस शेजपाल सिंह के पिता अवतार सिंह के नाम है। वह करीब ढाई साल से सेंट्रल जेल अमृतसर में बंद है। अवतार सिंह, सरमुख सिंह गैंग का सदस्य है। सरमुख सिंह पाकिस्तान के ड्रग्स तस्करों से ड्रग्स मंगाकर पंजाब में सप्लाई करता है।

सरमुख सिंह भी वर्तमान समय में जेल में बंद है। शेजपाल सिंह ने उक्त गन हाउस के लाइसेंस में पार्टनरशिप कर फर्जी तरीके से अपना नाम जुड़वा लिया था तथा उसी के आधार पर वह असलहा व कारतूसों का व्यापार करता आ रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें