एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदो में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ ने 23 नवंबर 2024 को कंकरखेडा से अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर गिरोह के सदस्य रोहन निवासी ग्राम लोहड्डा थाना कोतवाली बड़ौत, बागपत को पांच एसबीबीएल गन 12 बोर व 12 डीबीबीएल गन 12 बोर तथा 700 कारतूस 315 बोर के साथ गिरफ्तार किया गया था।
रोहन से पूछताछ के आधार पर टीम ने 20 दिसंबर 2024 को गिरोह के मुख्य सरगना कुख्यात अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी निवासी ग्राम सिसौली जिला मुजफ्फरनगर को कंकरखेडा से गिरफ्तार किया था। अनिल बंजी के पास से रायफल, कारवाइन, पिस्टल, 15 कारतूस, एक अवैध पम्प एक्शन गन 12 बोर बरामद की थी।
50 हजार की पिस्टल और 100 रुपये का कारतूस बेचा
शेजपाल सिंह से पूछताछ की तो बताया कि उसके गौतम अहलावत निवासी पट्टी जिला तरनतारन के नाम फर्जी रसीद काटकर अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी और उसके साथियों को पिस्टल और कारतूस बेचे थे। प्रति पिस्टल 40 से 50 हजार रुपये और सौ रुपये प्रति कारतूस बेचा था।
जेल में बंद है शेजपाल का तस्कर पिता
एएसपी ने बताया कि मरहटटा गन हाउस अमृतसर का लाइसेंस शेजपाल सिंह के पिता अवतार सिंह के नाम है। वह करीब ढाई साल से सेंट्रल जेल अमृतसर में बंद है। अवतार सिंह, सरमुख सिंह गैंग का सदस्य है। सरमुख सिंह पाकिस्तान के ड्रग्स तस्करों से ड्रग्स मंगाकर पंजाब में सप्लाई करता है।
सरमुख सिंह भी वर्तमान समय में जेल में बंद है। शेजपाल सिंह ने उक्त गन हाउस के लाइसेंस में पार्टनरशिप कर फर्जी तरीके से अपना नाम जुड़वा लिया था तथा उसी के आधार पर वह असलहा व कारतूसों का व्यापार करता आ रहा है।