वहीं घटना की जानकारी लगने के बाद एसपी देहात मौके पर पहुंचे। इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया और जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
बताया गया कि लावड़ के रहने वाला सीताराम (45) पुत्र शेर सिंह शादी में घोड़ा-बग्गी चलाने का काम करता था। शुक्रवार को वह लावड़ निवासी तौफीक, अहजाद पुत्र नवाब, मोहित पुत्र शीशपाल, नवेद पुत्र लियाकत, रवि पुत्र महेश को साथ लेकर किला परीक्षितगढ़ में एक बरात में चढ़त के लिए घोड़ा-बग्गी लेकर गया था।
वहीं देर रात लगभग तीन बजे वापस लौटने के दौरान महल खरदौनी गांव में दौराला की ओर से आ रहे डस्ट से भरे एक ट्रक ने घोड़ा-बग्गी को टक्कर मार दी। ट्रक घोड़ा-बग्गी सवार सभी लोगों को दूर तक घसीटते हुए ले गया।
हादसे में सीताराम, तौफीक, अहजाद की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, रवि के दोनों पैर पर पहिया चढ़ने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा नवेद पुत्र लियाकत की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। मोहित मामूली रूप से घायल हुआ।
मेरठ में दर्दनाक हादसा।
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परिजनों ने लगाया जाम
मोहित ने मामले की जानकारी फोन पर अपने पिता शीशपाल को दी। जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन एकत्रित होकर घटनास्थल पर पहुंचे और जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
मौके पर लोगों को समझाती पुलिस
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इस दौरान कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी देहात अनिरुद्ध सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने जाम खुलवाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।