रथ पर पंडित विष्णुदत्त शर्मा बैठेंगे व मंदिर परिसर में ही प्रसाद वितरण करेंगे। किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून व्यवस्था प्रभावित की गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जबकि हर वर्ष शहर में भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती रही है।
शहर में विरोध, शाम को बुलाई बैठक
शहर में विरोध के बाद निर्णय को लेकर समिति पदाधिकारियों ने भी जिला प्रशासन से पुन: विचार का अनुरोध किया। शाम को राजेंद्र वर्मा गुट ने फिर बैठक बुलाई, लेकिन दूसरा गुट शामिल नहीं हुआ। महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि मेरठ के लोगों के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा अगर भगवान नगर भ्रमण पर न निकलें। यह 200 साल के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है। इसके लिए जिम्मेदार कमेटी और मंदिर प्रबंधन है।
फादर डेनियल मसीह ने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कर रहे हैं। केंद्रीय गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी रणजीत सिंह जस्सल ने कहा कि यात्रा निकलनी चाहिए। आपस में अगर कोई विरोध है तो बड़े आगे आएं और अपनी जिम्मेदारी निभाएं। गुरुनानक देव जी जगन्नाथपुरी गए थे। यात्रा आस्था से जुड़ी है। नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन ने कहा कि परंपरा नहीं टूटनी चाहिए। श्रद्धा के साथ पालन किया जाना चाहिए।