कूड़े का निस्तारण करना भूले
प्रशासन ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीन महीने का समय मांगा था। महानगर की सड़कों से उठाकर मंगतपुरम में डाला गया कूड़ा पहाड़ का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों के विरोध और एनजीटी की फटकार के बाद नगर निगम ने मंगतपुरम में कूड़ा डालना तो बंद कर दिया था, लेकिन कूड़े का निस्तारण करना भूल गया।
एमडीए में मल्टीलेवल पार्किंग पर उठे सवाल
वहीं मेरठ के एमडीए परिसर में प्रस्तावित कार पार्किंग पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने कमिश्नर को पत्र भेजकर इस पर सवाल खड़े किए और 5 वैकल्पिक जगह भी बताई हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों के बजाय एमडीए परिसर में पार्किंग बनाना धन का दुरुपयोग होगा।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
शहर में मल्टीलेवल कार पार्किंग का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। 25 अक्तूबर को जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीए की तरफ से जवाब दाखिल किया जाना है। नगर निगम ने सड़कों पर 50 स्थानों पर छोटी वाहन पार्किंग शीघ्र संचालित करने का दावा किया है। नगर निगम प्रशासन ने 55 पेज की काउंटर फाइल तैयार की है। लोकेश खुराना ने दावा किया है कि यह फाइल न्यायालय में पहुंचने से पहले ही उनके पास पहुंच गई है। खुराना का दावा है कि निगम के पास समस्या के समाधान का कोई ठोस प्लान नहीं है।