तीन बार किया आवेदन, हर बार फाइल हुई वापस
हर्ष चौधरी ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उसने वारिसान के तहत लाइसेंस अपने नाम करवाने के लिए तीन बार फाइल लगाई, लेकिन तीनों बार लाइसेंस उसके नाम नहीं हो सका। हर बार फाइल वापस कर दी गई। हर्ष के मुताबिक, उसने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उसे लाइसेंस अपने नाम होने का यकीन है। जल्द ही वह चौथी बार आवेदन करेगा।
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हर्ष के मुताबिक, उनके पिता सरधना विधानसभा से तीन बार विधायक रहे स्व. रविंद्र पुंडीर के बेहद करीबी थी। पूर्व विधायक की सिफारिश पर ही उनके पिता को लाइसेंस मिला था। जिसके बाद यह बंदूक खरीदी थी। पिता को अपनी बंदूक बहुत प्यारी थी। पिता की यह आखिरी निशानी है। जिसे, वह हर हाल में बचाकर रहेंगे।