पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की फर्जी ट्रू कॉलर आईडी बनाकर पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह फोन कर अपराधियों की सिफारिश करते थे।
एसओ बहसूमा रविंद्र कांबोज ने बताया कि रामराज निवासी अरुण कुमार और रामगोपाल करीब तीन महीने से यह फर्जीवाड़ा कर रहे थे। उन्होंने मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के कई थानों में और पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब कर कई अपराधियों की सिफारिश की। मंगलवार शाम साइबर सेल की टीम ने थाना प्रभारी बहसूमा को आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही।
एसओ के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ट्रू कॉलर आईडी पर अपने नंबर को डीजीपी के नाम सेव किया था। इसका प्रयोग वह फर्जी कामों के लिए करते थे। उन्होंने कई बार एसएसपी व डीआईजी को भी फोन करना स्वीकार किया है। दूसरा आरोपी अरुण कुमार रामराज में कई साल से झोलाछाप डॉक्टर है। दोनों से गहनता से पूछताछ चल रही है।
रिपोर्ट तक दर्ज करा चुके
पुलिस ने बताया है कि आरोपी पुलिस अधिकारियों से बात करते थे। थानों में वह आसानी से रिपोर्ट दर्ज करा देते थे। आरोपी रामगोपाल बहसूमा थाने में पड़ोसी युवक के खिलाफ छेड़छाड़ करने और युवती के अपहरण करने के आरोप में फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा चुका है। इसकी पोल आरोपियों के पकड़े जाने के बाद खुली है।
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