मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में एक माह में तीन सराफा कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने दसवीं के छात्र और उसके एक साथी को हिरासत में लिया है। यह छात्र नाबालिग है। उसने खुलासा किया कि यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद उसने ऐसा करने का प्लान बनाया था। दरअसल, तीन व्यापारियों से रंगदारी मांगने की घटना के बाद अन्य व्यापारियों में भी दहशत फैल गई थी। वहीं पुलिस के भी रंगदारी मांगने वाले को ढूंढने में पसीने छूट गए। आखिरकार पुलिस ने आरोपी दसवीं के छात्र को धर दबोचा।
व्यापारियों को ऐसे बनाता था शिकार
पुलिस पूछताछ में आरोपी छात्र ने बताया कि वह बाजारों में लगे होर्डिंग और बोर्ड से व्यापारियों के नंबर जुटाता था। इसके बाद इंटरनेट कॉल कर व्यापारियों को धमकी देता था। छात्र ने बताया कि एक व्यापारी से 10 लाख तो अन्य दो से पांच-पांच लाख रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी गई थी। यह छात्र इस कारनामे से पुलिस को अब तक दौड़ाता रहा।
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गुरु नानक बाजार के राणा ज्वेलर्स, मंगलम ज्वेलर्स और सरधना रोड स्थित अक्षय ज्वेलर्स के व्यापारियों को धमकी देकर रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस ने पांच दिन पहले दो व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामले में मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर जांच की। छानबीन में दसवीं के एक छात्र का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो यह सब खुलासा हुआ। छात्र नरेशपुरम का रहने वाला है। उसका एक साथी भी हिरासत में लिया गया है।
परिवार के लोग पैसे नहीं देते थे, इसलिए किया यह काम
छात्र ने बताया कि परिवार के लोग उसे पैसे नहीं देते थे। पैसे जुटाने के तरीकों के लिए वह यूट्यूब देखता था। इसके बाद ही उसने सराफा कारोबारियों से रंगदारी मांगने का प्लान बनाया। थाना पुलिस का कहना है कि छात्र के साथी की कोई भूमिका अब तक सामने नहीं आई है। अभी जांच जारी है।