थानों में जनसुनवाई बंद कर दी है क्या? फरियादी कार्यालय तक आकर परेशान हो रहे हैं, उनकी सुनवाई क्यों नहीं कर पा रहे हो... यह तल्ख सवाल पूछते हुए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सोमवार को तीन थाना प्रभारियों को फोन पर जमकर फटकार लगाई। पुलिस कार्यालय में फरियादियों की भारी भीड़ देखकर भड़के एसएसपी ने कंकरखेड़ा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह, लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी दलवीर सिंह और इंचौली थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के खिलाफ तत्काल प्रारंभिक जांच करने के निर्देश दिए।
फटकार के दौरान जब लिसाड़ी गेट के थानेदार दलवीर सिंह ने खुद को अंडर ट्रांसफर (स्थानांतरण के अधीन) बताया, तो एसएसपी और नाराज हो गए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, कहीं ऐसा न हो कि दूसरे जिले में निलंबन पर ही आमद दर्ज करानी पड़े। इसके बाद एसएसपी ने मौके पर ही अपने रीडर को बुलाकर तीनों थाना प्रभारियों के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य थानेदारों ने भी जनता की सुनवाई में लापरवाही बरती, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
बैठक के बाद दफ्तर में उमड़ पड़ी थी भीड़
सोमवार सुबह पुलिस कार्यालय में एसएसपी, एसपी क्राइम अवनीश कुमार और सीओ कैंट संजय गुप्ता शिकायतें सुन रहे थे, तभी एडीजी जोन भानु भास्कर की करीब पौने दो घंटे तक ऑनलाइन बैठक शुरू हो गई। बैठक के बाद जब एसएसपी अपने कक्ष से बाहर निकले, तो दरवाजे पर फरियादियों का तांता देख हैरान रह गए। उन्होंने 20 मिनट बाहर खड़े होकर और फिर वापस सीट पर बैठकर महज 1 घंटे में 100 से अधिक शिकायतें सुनीं।
एक साल पुरानी शिकायत पर जनसुनवाई प्रभारी भी नपे
जनसुनवाई के दौरान गुरुग्राम से आए एक होटल कर्मचारी ने ठगी से जुड़े एक साल पुराने मामले की लंबित शिकायत एसएसपी के सामने रखी, जिसके दौरान जिले में दो एसएसपी तक बदल चुके थे। इतने लंबे समय तक मामले का निस्तारण न होने पर एसएसपी ने जनसुनवाई प्रभारी संतोष कुमार सिंह से जवाब मांगा। उनकी सफाई से असंतुष्ट होकर एसएसपी ने उन्हें भी कड़ी फटकार लगाई और उनके खिलाफ भी प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए।
ये भी देखें...
मेरठ: दशहरे से दिवाली तक पेयजल संकट झेलेंगे शहर के पांच लाख लोग, सफाई के लिए बंद रहेगी गंगनहर