प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले भी लिफ्ट में एक नवजात, महिलाएं और बुजुर्ग फंस गए थे। तब समिति के सचिव कृष्णकांत, प्रतिनिधि अशोक गर्ग और उपाध्यक्ष सुरजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अब जब लिफ्ट दोबारा खराब हुई तो प्रबंधन का तर्क है कि चूंकि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, इसलिए वे अब मरम्मत नहीं कराएंगे।
सोसायटी की निवासी नेहा ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हो रहा है। बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं काट दी गई हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही। महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता है।
निवासियों का कहना है कि उनका जीवन दूभर हो गया है, और सिर्फ लिफ्ट नहीं, अब उन्हें न्याय की जरूरत है।