छह किसान और मजदूर संगठन हुए शामिल
धरने में भारतीय किसान संगठन (भानु), राष्ट्रीय मजदूर संगठन, किसान मजदूर संगठन (बीएम सिंह), भारतीय किसान यूनियन (सेवक) और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर बातचीत के लिए किसी उच्चाधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से उनमें नाराजगी है।
दोपहर दो बजे तक अधिकारियों का इंतजार
धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने अधिकारियों को बातचीत के लिए दोपहर दो बजे तक का समय दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन और टोल से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर वार्ता करें। निर्धारित समय तक अधिकारी नहीं पहुंचे तो किसान संगठन आगे की रणनीति तय करेंगे।
सिवाया टोल पर धरना देने की चेतावनी
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने की स्थिति में वे एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा की ओर कूच करेंगे। वहां धरना देने और टोल जाम करने की बात कही गई है। इससे टोल संचालन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, सिवाया टोल पर कूच या जाम की कार्रवाई हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि आगे की जानकारी मिलने पर ही हो सकेगी।
फिलहाल किसान संगठनों की प्रमुख मांग आउटर रिंग रोड का निर्माण पूरा कराने और किसानों को सर्विस रोड की सुविधा देने की है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए अधिकारी पहुंचते हैं या किसान संगठन अपनी चेतावनी के अनुसार आगे बढ़ते हैं।