इस संस्था ने किया सम्मानित
दुनिया की सर्वोच्च संस्था द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने इन शोधपत्रों पर गहन मंथन किया। इसके बाद देश में नौ शोधकर्ताओं को इस दिशा में नामित किया गया। इसमें मेरठ के डाॅ. राजीव अग्रवाल का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल है।
हृदयाघात के मरीजों को लेकर पहला प्रयोग
गौरतलब यह है कि यह शोध हार्ट अटैक के मरीजों पर वसा कम करने का पहला मानव परीक्षण है। डाॅ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि धमनियों में वसा का जमाव दिल के दौरे का कारण बनता है। खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए विभिन्न स्तर पर तीन दवा चिकित्सा एक साथ की जाती है। यह इस रोग के आधुनिक उपचार की आधारशिला है।
डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने दिल के दौरे के रोगियों में लिपिड कम करने वाली दवाओं के ट्रिपल संयोजन के बारे में भारत से शोधपत्र प्रस्तुत किया था। इसे द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने 2024 के वैज्ञानिक सत्रों में भारत से सर्वश्रेष्ठ सार घोषित किया और अपनी मान्यता देते हुए पॉल डुडले व्हाइट इंटरनेशनल स्कॉलर अवार्ड से सम्मानित किया गया।