याकूब पक्ष की ओर से प्राइवेट लैब में जांच कराई तो नमूने सही बताए गए। इस पर मेरठ पुलिस ने प्राइवेट लैब की रिपोर्ट पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए कोर्ट से राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद से जांच कराने की मांग की थी। एक फरवरी को पुलिस, एमडीए और खाद्य विभाग की टीम ने मीट के 98 नमूने लिए थे। पांच दिन पहले न्यायालय में खाद्य विभाग व पुलिस की मौजूदगी में सभी नमूनों की रिपोर्ट खोली गई। रिपोर्ट के आधार पर सात नमूने असुरक्षित, 38 नमूने मानक विहीन तथा 53 नमूने सही पाए गए थे।
इस रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने मीट रिलीज कराने का आदेश दिया था। सोमवार को सीओ किठौर के नेतृत्व में खरखौदा पुलिस, एमडीए व खाद्य विभाग की टीम की मौजूदगी में सही पाए गए 53 नमूनों वाले मीट को रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस प्रक्रिया में एक से दो दिन का समय लगेगा
यह भी पढ़ें: Meerut: बेटा-बेटी एकसाथ बने दरोगा तो गर्व से चौड़ा हुआ किसान का सीना, भाई-बहन ने पिता को किया सैल्यूट
वहीं असुरक्षित पाए गए सात नमूनों के मीट को नष्ट करने की कोई तिथि तय नहीं हुई है। उधर, मानक विहीन मिले मीट के निस्तारण के लिए पशुपालन विभाग की राय ली जानी बाकी है।