वहीं मामला बढ़ता देख डीएम ने समिति के पदाधिकारियों को बुलाया और उनकी मांग सुनी। शनिवार को डीएम के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मेरठ विकास प्राधिकरण, पशु पालन, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन विभाग सहित सभी से टीमों का गठन कर हापुड़ रोड पर पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अलफईम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री, पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक की अल साकिब व गांव अल्लीपुर में चल रही तान्या मार्केटिंग में जांच कराई गई। छापेमारी गोपनीय रूप से की गई। टीम अपनी अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
सूचना पर बंद कराई फैक्ट्री
कुछ दिन पहले ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तान्या मार्केटिंग पर सील लगाई थी, लेकिन जानकारी मिली है कि अभी करीब एक माह पहले ही तान्या ने संचालन की अनुमति ले ली थी। शनिवार को जैसे ही छापेमारी की सूचना मिली तो फैक्ट्री का संचालन बंद करा दिया गया। पूछताछ में फैक्ट्री संचालक और वहां तैनात पशु चिकित्सक फैक्ट्री को बंद बता रहे हैं।
बंद होनी चाहिए फैक्ट्रियां
इस क्षेत्र का पानी पहले ठीक था। पानी रिबोर कर डालने से क्षेत्र में बीमारियां बढ़ गई हैं। समिति ने तीनों फैक्ट्रियों में टीम का साथ अपने पदाधिकारी भेजने की मांग की थी, लेकिन डीएम ने अनुमति नहीं दी। जांच टीम क्या कर रही है इसका खुलासा कौन करेगा। समिति का उद्देश्य फैक्ट्रियों की जांच नहीं, बल्कि यहां से बंद कराना है।
- रविंद्र गुर्जर, अध्यक्ष पर्यावरण सुरक्षा संघर्ष समिति
वर्जन.....
शासन के निर्देश पर की जांच
शासन के निर्देश पर मीट प्लांटों की जांच कराई गई है। अभी मेरे पास रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर उसका परीक्षण कर कार्रवाई तय की जाएगी।
- अनिल ढींगरा, डीएम
जांच में किया सहयोग
हमने जांच में पूरा सहयोग दिया और हमारे प्लांट में कोई कमी नहीं पाई गई है। टीम फैक्ट्री से निकलने वाले पानी का नमूना लेकर गई है।
- शाहिद अखलाक, निदेशक अल साकिब
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