गांव डाहर निवासी अनुसूचित जाति के युवक गौरव पुत्र राकेश का घर के सामने रहने वाली कश्यप समाज की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि युवती ने त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते गौरव की गत 10 मार्च को बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव मोड़ खुर्द के जंगल में हत्या करवा दी थी।
पुलिस ने युवती व उसके दूसरे प्रेमी मोहकम व दोस्त भानू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि गांव के ही भाजपा के स्थानीय नेता के खिलाफ भी पुलिस ने एससी एक्ट में मामला दर्ज किया था, जो अभी तक फरार है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हत्या आरोपियों के अन्य परिजनों द्वारा समझौते का दबाव बनाकर धमकी दी जा रही है। पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
गुरुवार को मृतक गौरव के पिता राकेश, चाचा रामनिवास, महेंद्र, राजेंद्र व दादी रोशनी समेत लगभग 40 सदस्यीय दलित परिवार गांव छोड़कर चला गया। सभी ने घर पर दबंगों के डर से पलायन व मकान बिकाऊ के पोस्टर चस्पा किए। परिवार के लोग गाड़ी में अपने मवेशी व घर का सामान लादकर गांव से चले गए।
पलायन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पलायन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की। लेकिन घंटों तक निवेदन के बाद भी पुलिस विफल रही। थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ का कहना है कि हत्या के मामले में मृतक गौरव के परिजनों की तहरीर पर एससी एक्ट का मामला दर्ज है। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप गलत है।