वहीं आरोपी इमरान ने एसपी सिटी को बताया कि कई माह से वह गोदाम चला रहा था। इसमें करीब 15 मजदूर जुड़े हुए हैं। मृत जानवरों के अलावा अन्य स्थानों से मीट यहां लाया जाता था और उसके बाद पैकिंग कर शहर में होटल और लिसाड़ी गेट में ढाबों में भेजा जा रहा था।
दावा : चीन में भी भेजा जाता था मीट
सीओ दिनेश शुक्ला के अनुसार आरोपियों ने बताया कि जब भी मीट 50 से 60 क्विंटल एकत्र हो जाता था और शहर में आपूर्ति नहीं की जाती थी तो पैकिंग करने के बाद यहां से मीट विदेश भेज दिया जाता था। सीओ के अनुसार आरोपियों ने मीट चीन को एक्सपोर्ट करने की बात कही है। उनके पास एक्सपोर्ट लाइसेंस नहीं मिला है।
दरोगा जी और पुलिस को जाता है पैसा
पुलिस ने जब आरोपियों को जीप में बैठाया तो एक आरोपी ने पुलिस से कहा कि हमें थाने क्यों भेज रहे हो। यहां तो दरोगा जी और सिपाही भी आते हैं। यह सुनकर पुलिसकर्मी दंग रह गए। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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