कंटेनर हादसा
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घायल मौके पर तड़पते रहे। लेकिन उन्हें कंटेनर के नीचे से निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी। जबकि घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर के दायरे में टीपीनगर, ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड और देहली गेट थाने के अलावा घंटाघर पर एसपी सिटी कार्यालय और नगर निगम का ऑफिस है। रात करीब 12:20 बजे जेसीबी बुलाई गई। मशक्कत के बाद जब तक घायलों का निकाला गया, दो लोगों की तड़पकर मौत हो चुकी थी। यदि शहर के बीचोंबीच किसी बड़े वाहन के नीचे फंसे घायलों को निकालने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाए तो साफ है कि सिस्टम पूरी तरह पटरी से उतर चुका है।