बता दें कि हाल ही में उधम सिंह ने राजनीति में आने का दावा किया था और कहा कि वह क्षेत्रवासियों की सेवा करना चाहता है। जेल से छूटे कुख्यात उधम सिंह ने राजनीति की बिसात बिछानी शुरू कर दी है। वहीं रंगदारी मांगने के सवाल पर कहा था कि अगर कोई मेरे नाम से रंगदारी मांगता है तो पुलिस को कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। उधम सिंह ने अगर मैं दोषी पाया जाता हूं तो पुलिस मेरे खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। साथ ही कहा कि मुझे विश्वास है कि पुलिस मेरे खिलाफ अब फर्जी मुकदमे दर्ज नहीं करेगी।
योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच चली गैंगवार
कुख्यात योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच लंबी गैंगवार चली। करीब दस साल तक खूनखराबा हुआ। उधम सिंह पर गंभीर अपराधों की धाराओं में 45 से ज्यादा मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। इनमें कई मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन भी हैं। दस दिन पहले उधम सिंह जमानत पर बाराबंकी जेल से बाहर आया है। उधम सिंह का कहना है कि अब उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। वह राजनीति में शामिल होकर ग्रामीणों की मदद करना चाहता है।
उसकी पत्नी पुष्पा करनावल से चेयरमैन हैं। जेल में रहते ग्रामीणों ने उसकी पत्नी को जिताया। इसके बदले में अब वह ग्रामीणों की मदद करेगा। उधम सिंह का दावा है कि अब वह गांव में ही रहेगा और कोई अपराध नहीं करेगा, लेकिन पुलिस ने धमकी देने के मामले में उसे गुरवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया है।