सूचना पर लिसाड़ीगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस ने उनको समझाया, तब पोस्टमार्टम हुआ। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना कि जुनेद ने डिप्रेशन में वारदात की है। परिवार के लोगों के मुताबिक उसका डिप्रेशन का इलाज चल रहा है। पुलिस जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों ने पुलिस काे सूचना नहीं दी। अस्पताल से मीमो पहुंचने के बाद लिसाड़ीगेट पुलिस मौके पर पहुंची है।
कर्ज में डूबने के चलते डिप्रेशन में था जुनेद
लॉकडाउन के चलते जुनेद का व्यापार ठप हो गया था, जिसमें चलते वह कर्जदार हो गया और डिप्रेशन में आ गया। बकरीद पर परिवार में खूनखराबा होने पर परिवार में मातम छाया रहा। परिवार और रिश्तेदारों का जुनेद के घर पर तांता लगा रहा। लोग बार बार जुनेद के बारे में कहते रहे कि तूने आखिर यह क्या कर दिया। पुलिस जुनेद को आरोपी मानते कार्रवाई करने की बात कह रही है।
परिवार के लोगों का कहना है कि कोरोना और फिर लॉक डाउन में जुनेद बर्बाद हो गया। जुनेद के पिता रमजानी एक पुलिस अधिकारी के यहां पर गाड़ी चलाते थे। उनकी मौत के बाद जुनेद और उसके दोनों भाइयों ने तीन मंजिला मकान इस्लामाबाद में बनाया। ऊपरी मंजिल पर छोटा भाई जुबैर और भूतल पर बड़ा भाई हसनेन का परिवार रहता है। बीच की मंजिल पर जुनेद रहता है।
एसएसपी ऑफिस में तैनात है जुनेद का भाई
जुनेद का बड़ा भाई हसनेन एसएसपी ऑफिस मेरठ के कार्यालय में उर्दूवाचक है। वारदात की जानकारी लगने पर एसएसपी ऑफिस में तैनात कई पुलिसकर्मी हसनेन के घर पहुंचे।