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Meerut: बढ़े मरीज, जिला अस्पताल के सभी बेड फुल, भर्ती होने के लिए भटक रहे बीमार

Mon, 12 Sep 2022 12:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

उमस, तेज धूप, उड़ती धूल और प्रदूषित खानपान के कारण मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन मेरठ के जिला अस्पताल और मेडिकल में बेड ही नहीं है। ऐसे में अब बेड बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमस, तेज धूप, उड़ती धूल और प्रदूषित खानपान के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।सभी 250 बेड मरीजों से भर गए हैं। खाली पड़े वार्डों में नए बेड लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद अधिकतर नए मरीजों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है। यहां आने वाले कुछ मरीजों को तो यहां तक कहा गया कि जगह खाली मिले तो भर्ती हो जाओ, नहीं तो कहीं ओर चले जाओ।

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पिछले कुछ दिन से ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर यहां 1200 से 1300 मरीज आते हैं, लेकिन अब यह तादाद 1500 से पार जा रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, वायरल बुखार, डिहाइड्रेशन, पीलिया और चक्कर आने के लक्षणों के साथ अधिकतर मरीज पहुंच भर्ती हैं। ज्यादा रोगी होने के कारण इमरजेंसी, हड्डी रोग, मेडिसिन से लेकर सर्जिकल वार्ड व आईसीयू तक सभी बेड फुल हैं।

कोविड टीकाकरण वाले कक्षों में भी बेड लगाने की तैयारी
जिला अस्पताल में बच्चा वार्ड भी भरा हुआ है। इस कारण अब कोरोना के मरीजों के लिए तैयार किए गए पीआईसीयू में भी बच्चों को भर्ती किया गया है।

वहीं, मरीजों को बिना इलाज न लौटना पड़े, इसके लिए बाल रोग विभाग, बर्न एवं कोविड टीकाकरण वाले कक्षों में भी नए बेड लगाने की तैयारी की जा रही है।
लिसाड़ीगेट से जिला अस्पताल आई शबनम को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। उसे बेड खाली नहीं होना बताकर मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी गई। इससे मरीज को परेशानी हुई।

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माधवपुरम से जिला अस्पताल पहुंची सुमन को उल्टी दस्त थे। अस्पताल में चिकित्सकों ने इनके पति से कहा गया कि बेड देख लीजिए, अगर कहीं खाली मिल जाए तो भर्ती हो जाना, अन्यथा कहीं ओर चले जाना।

कोरोना के तीन मरीज मिले, सक्रिय केस 13
 जिले में रविवार को 1088 लोगों की जांच की गई, जिनमें से तीन लोगों को कोरोना की पुष्टि हुई है। ये मरीज जयभीमनगर, जाहिदपुर और पल्हेड़ा के रहने वाले हैं। तीन मरीज ठीक हुए हैं। सक्रिय केसों की संख्या 13 रह गई है। इनमें से 10 घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं, जबकि तीन अस्पतालों में भर्ती हैं। लगातार टीकाकरण जारी है। 24,078 से ज्यादा लोगों ने टीकाकरण कराया। इनमें 21,551 लोग ऐसे रहे, जिन्होंने तीसरा टीका लगवाया। ब्यूरो

इलाज करना प्राथमिकता
अस्पताल में नियमित ओपीडी हो रही है। साथ ही लैब में जांच, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा होने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगर यही स्थिति रही तो 50 से ज्यादा बेड बढ़ाकर मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद कुल बेड संख्या 300 हो जाएगी। - डॉ. एसके नंदा, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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