साबले के साथ तैयारी का मिला फायदा
अमरीश 3000 मीटर दौड़ में लगातार राष्ट्रीय कीर्तिमान रच रहे अविनाश साबले के भी कोच रहे हैं। अमरीश के मुताबिक वह दोनों को साथ ट्रेनिंग कराते थे। इसका फायदा भी पारुल को मिला है। चार बहन-भाइयों में तीसरे नंबर की पारुल रेलवे में टीई पद पर तैनात हैं, उनकी पोस्टिंग मुंबई में है। पिता कृष्णपाल व माता राजेश देवी को बेटी पर नाज है। पिता ने उन्हें कैलाश प्रकाश स्टेडियम में प्रवेश दिलाया। कोच गौरव त्यागी व बाजपेयी ने प्रतिभा को संवारा।
48वीं रैंकिंग है 3000 मीटर में
पारुल की 3000 मीटर दौड़ में विश्व में 48वीं और पांच हजार मीटर में 103वीं रैंकिंग है। उन्होंने इसी वर्ष मार्च में त्रिवेंद्रम इंडियन ग्रांप्री में 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9.38.29 मिनट का समय निकाल स्वर्ण जीता था। 12 जून को चेन्नई में हुई अंतरराज्यीय एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने इसी इवेंट में 9.42.16 मिनट के साथ स्वर्ण जीता था। पारुल ने 9.38.29 : मिनट का समय इस साल मार्च में त्रिवेंद्रम में हुई इंडियन ग्रांप्री में निकाला था। लॉस एंजिल्स से ही अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए पारुल ने कहा कि वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक के लिए अपना सौ प्रतिशत देंगी। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर पारुल को बधाई दी।
अलका तोमर की राह चली सिसौली के सूबेदार की बेटी
भारतीय अंडर-17 महिला कुश्ती टीम के 57 किग्रा भार वर्ग में हरियाणा की खिलाड़ी को रोमांचक मुकाबले में मात देते हुए सिसौली गांव की लीजा तोमर ने सब-जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप का टिकट कटाया है। लखनऊ साई सेंटर में हुए ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए लीजा ने यह उपलब्धि हासिल की है। लीजा के पिता प्रद्युमन तोमर सेना में सूबेदार हैं और जालंधर में तैनात हैं।
सिसौली गांव से कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेेता अलका तोमर के बाद बेटियों ने कुश्ती में लगातार पहचान बनाई है। लीजा चौ. चरण सिंह कुश्ती विवि के कुश्ती स्टेडियम में सीनियर कुश्ती कोच डा. जबर सिंह सोम से प्रशिक्षण ले रही हैं।