केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जनधन खाता योजना के तहत मेरठ जिले में साढ़े पांच लाख खाते खोले गये। नोटबंदी के बाद जनधन खातों में करोड़ों रुपया जमा हुआ तो केंद्र सरकार हरकत में आई और वित्त मंत्रालय ने खातों से लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए खातों की जांच के आदेश दिए। लेकिन जांच तो दूर आज तक यह रिकॉर्ड भी बैंकों के पास नहीं है कि कितना लेनदेन इन खातों से हुआ है।
लेनदेन का आंकड़ा नहीं
सरकार ने ऐसे खातों की जांच की बात कही थी। लेकिन जांच तो बहुत दूर एलडीएम कार्यालय में इन खातों में लेनदेन का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के पास ही होगा। कुल मिलाकर विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण जनधन खातों में लेनदेन का आंकड़ा जुटाया ही नहीं गया। जबकि इन खातों से तब खूब लेनदेन हुआ। अधिकारियों के अनुसार जिले के 5.50 लाख ऐसे खातों में से औसतन 50 हजार खातों में हर माह करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है।
जिले में जनधन खातों की संख्या करीब 5.50 लाख है। लेकिन खातों में लेनदेन व जमा रकम के आंकड़े क्षेत्रीय कार्यालय से लेने पड़ेंगे। खातों की जिला स्तर पर जांच नहीं हो रही है। हो सकता जांच उच्च स्तर पर हो रही हो।
- अविनाश तांती, एलडीएम
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