निगम के वार्ड 29 सुभाषनगर में बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर प्रशांत गौतम का निवास है। ये बसपा के पूर्व मंत्री भी रहे हैं। इस बार निकाय चुनावों में महापौर से लेकर पार्षद तक के प्रत्याशियों के चयन में मुख्य व्यक्ति रहे। बसपा की किरकिरी उस समय हो गई जब कोआर्डिनेटर के वार्ड में बसपा का पार्षद प्रत्याशी नहीं उतार पाए। इसका खामियाजा वार्ड में महापौर प्रत्याशी को भी भरना पड़ा है। कुल मिलाकर इस वार्ड में बसपा के हशमत मलिक को 337 मत, भाजपा के हरिकांत को 2407 मत, सपा की सीमा प्रधान को 942 मत और एआईएमआईएम के अनस को 1426 मत मिले हैं।
एआईएमआईएम के पक्ष में पड़े अधिक वोट
बसपा के महापौर प्रत्याशी रहे हशमत मलिक का आवास वार्ड 86 में है। इनके वार्ड में 1021 से 1028 बूथ रहे। इनमें बसपा के हशमत को 923 मत ही मिल पाए हैं, जबकि एआईएमआईएम के अनस के पक्ष में लोगों ने वोटों की बरसात करके 3530 मत दिए। सपा की सीमा प्रधान को 919 और भाजपा को भी 35 मत मिले हैं। ये आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि हशमत को इस वार्ड की जनता ने भी पसंद नहीं किया।
यह भी पढ़ें: Double Murder in Meerut: दोहरे हत्याकांड से दहला शास्त्रीनगर, पति-पत्नी की गला काटकर निर्मम हत्या
मुल्तानगर वार्ड 15 में बसपा को मिले 1032 मत
मुल्तानगर में बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर सतपाल पेपला का निवास है। इनकी गिनती बसपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है। अगर इनके वार्ड में बसपा महापौर प्रत्याशी के पक्ष में पड़े मतों की बात करें तो 1032 मत मिले हैं। सपा को 2008 और भाजपा को 5572 मत मिले हैं। यह स्थिति तब है कि जबकि वार्ड में बसपा के परंपरागत वोटरों की संख्या भी काफी है।
गोलाबढ़ वार्ड 22 में बसपा को मिले 2056 मत
गोलाबढ़ जिलाध्यक्ष मोहित आनंद का पैतृक गांव है। हालांकि वह अब इसी वार्ड के सरस्वती विहार कालोनी में रहते हैं। इस वार्ड से बसपा महापौर प्रत्याशी को 2056 मत मिले हैं, जो भाजपा को मिले मतों से लगभग आधे ही हैं।
भाजपा को 4070 मत मिले हैं। उधर सपा ने भी 1177 प्राप्त किए हैं। पार्षद की सीट बचाने में तो जिलाध्यक्ष कामयाब रहे, लेकिन बसपा की परंपरागत सभी वोट पार्टी को नहीं दिला पाए।