इन पार्किंग में साइकिल, मोटर साइकिल-स्कूटर और चौपहिया (कार-एसयूवी) वाहनों के खड़ा करने की व्यवस्था होगी। साहिबाबाद स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्रवेश-निकास द्वार बनाए हैं, जिनमें से एक प्रवेश द्वार को यूपीएसआरटीसी के साहिबाबाद बस अड्डे से जोड़ा गया है।
तैयारी पूरी, सीएम आज लेंगे जायजा
देश की पहली सेमी हाई-स्पीड रैपिडएक्स रेल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 से 21 अक्तूबर के बीच हरी झंडी दिखाएंगे। उनकी जनसभा और उद्धाटन से पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने साहिबाबाद आएंगे। प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, सीएम योगी, केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंत्री भी शमिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर साढे तीन बजे पांचवीं आरक्षित सीआईएसएफ वाहिनी में पहुंचेंगे। वे वसुंधरा सेक्टर-8 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की तैयारियों का जायजा लेंगे।
सुरक्षाकर्मी, टिकट काउंटर स्टेशन कंट्रोलर सब तैयार
रैपिडएक्स रेल परिचालन की शुरूआत अगले सप्ताह से हो जाएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी ने तैयारी पूरी कर ली है। स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मियों से स्टेशन कंट्रोलर, टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्र के कर्मचारी समेत पूरा स्टाफ तैयार है। अब इंतजार है तो प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने और यात्रियों के आने का। स्टेशनों पर सफाई से लेकर बाकी बचा काम अब युद्धस्तर पर निपटाया जा रहा है। आरआरटीएस के प्राथमिकता खंड में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक पांच स्टेशन होंगे।
रैपिडएक्स के संचालन में महिलाओं की होगी ज्यादा भागीदारी
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का 17 किलोमीटर लंबा प्राथमिक खंड जल्द ही जनता के लिए परिचालित होने जा रहा है। इन आधुनिक हाई स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी रैपिडएक्स ट्रेनों के संचालन में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस खंड के परिचालन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी पुरुष कर्मचारियों से अधिक होगी। शहरी परिवहन प्रणाली से परिचित कराने एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पहले इन संचालकों को तीन महीने के लिए क्लासरूम स्टडीज के साथ-साथ सिमुलेटर पर ट्रेन चलाने और ट्रेन की गति पर नियंत्रण करने समेत अन्य ज़रूरी प्रशिक्षण दिए गए। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि ट्रेन का संचालन एक बहुत ही एकाग्रता, संयम एवं ज़िम्मेदारी का कार्य है। पिछले छह महीने में इस प्रणाली पर ठीक उसी तरह ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जैसी परिचालन के बाद चलाई जाएंगी।
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