मेरठ में जिला पंचायत अध्यक्ष और उनकी चाची पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बीच चल रहा विवाद पीएम मोदी की रैली से पहले शुक्रवार को खत्म हो गया। भाजपा विधायक ने दोनों के बीच समझौता करा दिया है।
मेरठ में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुनीता कुसेडी ने अपने भतीजे जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव कुसेड़ी पर 80 लाख 84 हजार रुपये न देने का आरोप लगाने के प्रकरण में शुक्रवार को समझौता हो गया।
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शुक्रवार को कंकरखेड़ा स्थित ग्रैंड रिशाला रिसोर्ट में प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले की जानकारी दी गई। पारिवारिक विवाद को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से पहले ही सिवालखास के विधायक जितेंद्र सतवाई और बिल्डर रविंदर चौधरी ने निस्तारण करा दिया है। पिछले कई दिन से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था।
बता दें कि यह मामला प्रदेश नेतृत्व और प्रशासन के पास भी पहुंच गया था। पीएम मोदी की रैली से पहले इस मामले को निपटा दिया गया है। सिवालखास से भाजपा विधायक जितेंद्र सतवाई ने बताया कि दोनों परिवार का समझौता करा दिया गया है अब दोनों पक्ष सहमत हो गए हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुनीता ने कहा कि हमारे और गौरव के बीच में जो पारिवारिक विवाद था वह सब निपट गया है। अब कोई विवाद नहीं है। परिवार में समझौता हो चुका है।