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यूपी: फाइलों में ही दम तोड़ गई महायोजना-2021, विकास कार्यों में अड़ंगा बनी ये बड़ी वजह

Fri, 08 Jan 2021 11:38 AM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
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फाइलें
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सब कुछ ठीक रहा तो मेरठ जिले में अगले दस साल में होने वाले विकास कार्यों और बदलावों की कार्ययोजना का ब्ल्यू प्रिंट मार्च में आम जनता के सामने होगा। महायोजना-2031 की रूपरेखा पिछले साल नवंबर में बननी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें देरी हुई है।

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इससे पहले महायोजना-2021 में भी कई योजनाएं बनाई गई थीं लेकिन ये फाइलों में ही कैद रह गईं और इन्हें धरातल पर नहीं लाया जा सका। महायोजना में बस अड्डों और ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर ले जाना था। 2004 में तैयार महायोजना पर दो चरणों में कार्य किया जाना था। पहला चरण 2004 से 2011 और दूसरा चरण 2012 से 2021 रखा गया, लेकिन अभी तक एक भी कार्य धरातल पर नहीं आ सका।  
इसके तहत शहर में जाम खत्म करने के लिए चारों कोनों पर बस अड्डों का निर्माण किया जाना था। एक भी बस अड्डे का निर्माण तो दूर इस पर कभी चर्चा ही नहीं हुई। इसी तरह इनर रिंग रोड का निर्माण गढ़ रोड तक किया जाना था, लेकिन एमडीए इसे सिर्फ गंगानगर से लेकर परिक्षितगढ़ रोड तक 2.185 किमी बना पाया। जमीन अधिग्रहण न होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। दूसरी तरफ एनएच-58 पर स्थित ग्रीन बेल्ट पर भी कब्जा कर लिया गया। इस पर बिल्डर्स ने पार्किंग सहित अन्य कई निर्माण कर लिए। कई बार ये मामले एनजीटी में गए, लेकिन एक-दो कार्रवाई करने के बाद एमडीए चुपचाप बैठ गया।
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जनता से मांगे जाएंगे सुझाव
महायोजना-2031 का ब्ल्यू प्रिंट आने के बाद एक बार जनता से भी सुझाव मांगे जाएंगे। कोरोना से पहले एमडीए की तरफ से एक कार्यशाला का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों और समाज के चुनिंदा व्यक्तियों के सुझाव लिए गए थे। महायोजना बनाने वाली कंपनी ने मेरठ के सभी विभागों से डाटा लेकर कार्य शुरू कर दिया है।

- जाम से मुक्ति : शहर के किसी भी चौराहे पर फ्लाईओवर नहीं है, जबकि हापुड़ अड्डा, बेगमपुल और रेलवे रोड चौराहे पर फ्लाईओवर बहुत जरूरी है।
- पार्किंग व्यवस्था : शहर के किसी भी बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। मल्टीलेवल पार्किंग की बात फाइल फाइलों से आगे नहीं निकल पाती है।
- पार्क या स्टेडियम एमडीए शहर के किसी भी कोने में एक पार्क विकसित कर सकता है। इससे शहरवासियों को पिकनिक स्पॉट के साथ स्वच्छ हवा मिलेगी।

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रैपिड रेल : खाली कराए तहसील के 12 आवास
शहर में रैपिड रेल के काम में आने वाली अड़चनें धीरे-धीरे दूर की जा रही हैं। शहर में मेट्रो प्लाजा से बेगमपुल तक पांच किलोमीटर भूमिगत ट्रैक बनाने के लिए तहसील में 12 आवास खाली करा दिए गए हैं। अब यहां काम शुरू किया जाएगा। एनसीआरटीसी की तरफ से तहसील की जमीन के लिए एमओयू पहले ही हो चुका है। शहीद स्मारक के आगे बनी दुकानें भी हटाई जानी हैं। दुकानदारों से एनसीआरटीसी की वार्ता चल रही है। तहसील परिसर से लेकर भैंसाली बस अड्डे तक स्टेशन का निर्माण होना है। भैंसाली बस अड्डे की कार्यशाला के स्थानांतरण पर वार्ता हो चुकी है। जमीन फाइनल होते ही कार्यशाला स्थानांतरित हो जाएगी।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर संवारा जाएगा मेरठ शहर 
प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक, मेरठ समेत नगर निगम वाले सात शहरों को भी स्मार्ट सिटी की तरह विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। इन सभी शहरों में उन परियोजनाओं का काम शुरू कराया जाएगा जिनसे नागरिकों को तुरंत व सीधा लाभ मिलेगा। प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार ने गुरुवार को समीक्षा बैठक कर इन सभी शहरों के नगर आयुक्तों को ऐसी परियोजनाओं पर काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विभाग के सभी अधिकारियों के अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी सात शहरों के नगर आयुक्त भी जुड़े थे।

पुरानी महायोजना पर पूरा ध्यान
महायोजना-2031 तैयार की जा रही है। महायोजना-2021 धरातल पर नहीं उतर सकीं, योजनाओं पर भी हमारा ध्यान है। उन्हें अगले दस वर्षों के प्लान में इन्हें शामिल किया जाएगा। - मृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष, एमडीए

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