मेरठ में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सपा-रालोद और बसपा की जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। रालोद अपना प्रत्याशी लड़ाना चाहता है लेकिन सपा के कुछ नेता अपना प्रत्याशी उतारने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
सपा और रालोद में प्रत्याशी चयन को लेकर बैठक हुई। इसमें रालोद, सपा और बसपा के अलावा निर्दलीय मिलाकर 17 जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। सपा के कई पदाधिकारियों के मौजूद नहीं रहने से प्रत्याशी के नाम पर मुहर नहीं लग सकी है। दो-तीन दिन में प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी। प्रत्याशी सपा का होने की संभावना ज्यादा है।
जिला पंचायत में रालोद और बसपा के आठ-आठ, सपा के सात एवं पांच निर्दलीय हैं। इनकी संख्या 28 है। अगर निर्दलीय भाजपा के साथ जाते हैं तो भी विपक्ष में 23 सदस्य रहेंगे। भाजपा गौरव कुसेड़ी को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अब सपा और रालोद में से किसी एक पार्टी का प्रत्याशी घोषित होना है। इसके लिए सोमवार को गढ़ रोड स्थित एक होटल में सपा और रालोद के कुछ पदाधिकारियों के साथ 17 जिला पंचायत सदस्य बैठक में मौजूद रहे। सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह बैठक में शामिल नहीं थे। बैठक में सपा से दो प्रत्याशियों के नाम सामने आए हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं में से एक नाम फाइनल होगा।
रालोद प्रत्याशी घोषित होने पर कम होगी टूट-फूट
जानकार मानते हैं कि अगर रालोद का प्रत्याशी घोषित होता है तो सदस्यों में टूट-फूट कम होगी। वहीं, अगर सपा का प्रत्याशी घोषित होता है तो पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर और अतुल प्रधान के बीच पुरानी अदावत उभरने पर समीकरण बदल सकते हैं। शाहिद मंजूर के पास कई सदस्य हैं। इसके अलावा बिरादरीवाद की राजनीति भी उलटफेर कर सकती है। अतुल ने सपा में रहते हुए भाजपा के कुलविंदर को चुनाव जितवाया था।
अखिलेश के आदेश पर अमल होगा
बातचीत जारी है। अभी चुनाव को लेकर पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की तरफ से कोई आदेश नहीं दिए गए हैं, जो आदेश मिलेगा, वैसा ही किया जाएगा।
- राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, सपा